सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में 6 सितंबर को प्रस्तावित समाजवादी पार्टी की बड़ी रैली फिलहाल स्थगित कर दी गई है. रैली को लेकर सपा नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं की तरफ से करीब एक महीने से तैयारियां की जा रही थीं. लगातार बैठकें हो रही थीं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. सपा नेता चौधरी इंद्रसेन ने बताया कि खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण रैली स्थल के मैदान में पानी भर गया है. मैदान में पानी और कीचड़ होने की वजह से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है. उन्होंने साफ किया कि रैली रद्द नहीं हुई है, बल्कि इसकी तारीख आगे बढ़ाई गई है.
चौधरी इंद्रसेन के मुताबिक रैली की नई तारीख दशहरे के बाद घोषित की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि अगली रैली पहले से भी बड़ी होगी. उन्होंने कहा कि बारिश के अलावा कांवड़ यात्रा की वजह से भी तैयारियों में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी. इसके बावजूद करीब एक महीने से रैली की तैयारियां लगातार चल रही थीं. इंद्रसेन ने यह भी बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद सहारनपुर आने की बात कही है. उनके मुताबिक अखिलेश यादव 2 सितंबर को कोर्ट रोड स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी में उनके आवास पर लंच के लिए पहुंच सकते हैं. इंद्रसेन ने कहा कि अखिलेश यादव का सहारनपुर से लगाव और प्यार है.
रूद्र सेन और इंद्रसेन की नाराजगी की चर्चा
रैली स्थगित होने के बीच गंगोह क्षेत्र के चर्चित नेता और स्वर्गीय चौधरी यशपाल के बेटे रूद्र सेन और चौधरी इंद्रसेन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दोनों भाई रैली की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. हालांकि चौधरी इंद्रसेन ने नाराजगी की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उनके नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. ऐसे में उनसे नाराजगी का कोई सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने विपक्ष पर तरह-तरह का दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया. इंद्रसेन ने कहा कि सहारनपुर की जनता का अखिलेश यादव के साथ कितना प्यार है, यह आने वाली रैली में दिखाई देगा.
रैली स्थगित होने के साथ ही समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है. आरएलडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता की एक पोस्ट में दावा किया गया कि रैली कैंसिल करके चौधरी परिवार का अपमान सहन नहीं किया जाएगा. हालांकि सपा नेताओं ने इन आरोपों को विपक्ष का दुष्प्रचार बताया है. चौधरी इंद्रसेन का कहना है कि रैली खराब मौसम और मैदान में पानी भरने के कारण आगे बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल 36 बिरादरी को अपने साथ लेकर चलने की बात करते हैं, लेकिन 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने का इरादा अगर किसी के अंदर है तो वह अखिलेश यादव में है.
चौधरी इंद्रसेन ने दावा किया कि जब सपा की अगली रैली होगी तो वह प्रस्तावित रैली से भी बड़ी होगी। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी आंधी या तूफान आए, वे रुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि जिले में सपा के कार्यक्रमों को देखकर एनडीए के लोगों की पिंडली कांप रही है और इसी वजह से दुष्प्रचार किया जा रहा है. दूसरी ओर आरएलडी के प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह ने बताया कि 3 सितंबर को सहारनपुर में जयंत चौधरी की रैली प्रस्तावित है. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता रैली की तैयारियों में पूरी मजबूती से जुटे हुए हैं.
चौधरी धीर सिंह ने अखिलेश यादव के पूर्व में दिए गए बयान को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने इसे निंदनीय और अमर्यादित बताया. उनका कहना है कि अखिलेश यादव जैसे नेता से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि 6 सितंबर की सपा रैली स्थगित हुई है या कैंसिल, इसका कारण वही लोग बताएंगे जिन्होंने रैली का आयोजन किया था. उन्होंने कहा कि सपा की ओर से मौसम और बारिश को रैली स्थगित होने की वजह बताया जा रहा है.
जाट समाज को लेकर टिप्पणी पर भी नाराजगी
धीर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि की ओर से जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणी को भी जाट समाज के साथ-साथ सर्व समाज ने बुरा माना है. अब 3 सितंबर को होने वाली आरएलडी की रैली और उसके बाद समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित अगली रैली पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं. दोनों दलों के कार्यक्रमों के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 36 बिरादरी और सर्व समाज को साधने की कोशिश किस तरह आगे बढ़ती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा.
राहुल कुमार