'भक्ति में शक्ति है, थकान नहीं होती', लड्डू गोपाल जी को साथ लेकर पैदल कांवड़ यात्रा कर रहे भक्त

सहारनपुर से गुजर रही कांवड़ यात्रा में इस बार लड्डू गोपाल जी की अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान खींच रही है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर यमुनानगर जा रहे भक्तों ने ठाकुर जी को कांवड़ में विराजमान किया है. गंगा स्नान कराने के बाद उन्हें वॉकर में साथ लेकर परिवार पैदल सफर कर रहा है. राहगीर भी इस अनोखे स्वरूप को देखकर रुक रहे हैं.

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लड्डू गोपाल वाले परिवार की अनोखी भक्ति.(Photo: Ramesh Kumar/ITG) लड्डू गोपाल वाले परिवार की अनोखी भक्ति.(Photo: Ramesh Kumar/ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:43 PM IST

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से होकर गुजर रही कांवड़ यात्रा में भक्ति का एक अनोखा रूप देखने को मिल रहा है. यहां लड्डू गोपाल जी की कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. हरिद्वार से यमुनानगर की ओर जा रहे कांवड़ियों ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप ठाकुर जी को अपनी कांवड़ में विराजमान किया है.

भक्तों ने हरिद्वार में लड्डू गोपाल जी को गंगा स्नान कराया. इसके बाद उन्हें वॉकर में बिठाकर अपने साथ यात्रा पर लेकर निकल पड़े. परिवार के सदस्य पैदल चल रहे हैं और साथ में गंगाजल भी ले जा रहे हैं, जिसे यमुनानगर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाएगा.

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कांवड़ मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और दूसरे श्रद्धालुओं के बीच भी यह कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है. आमतौर पर कांवड़ में गंगाजल लेकर जाने वाले शिवभक्त नजर आते हैं, लेकिन यहां ठाकुर जी को साथ लेकर चलने का यह तरीका लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है.

सोशल मीडिया से मिली प्रेरणा, बोले- भक्ति में शक्ति है

कांवड़िया दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर लड्डू गोपाल जी की कांवड़ देखी थी. इसे देखने के बाद उनके मन में भी ठाकुर जी को कांवड़ के साथ ले जाने की इच्छा हुई. इसके बाद उन्होंने लड्डू गोपाल जी को हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया और अब उन्हें अपने साथ यमुनानगर लेकर जा रहे हैं.

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दिनेश के मुताबिक, गंगाजल भी साथ ले जाया जा रहा है, जिसे यमुनानगर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को चढ़ाया जाएगा. उन्होंने बताया कि वह पहले कभी पैदल नहीं चलते थे, लेकिन इस यात्रा में लगातार पैदल चलने के बावजूद उन्हें थकान महसूस नहीं हो रही है. उनका कहना है कि यह सब भक्ति की शक्ति का असर है.

दिनेश ने बताया कि उनके लिए यह यात्रा सिर्फ गंगाजल ले जाने तक सीमित नहीं है. ठाकुर जी को साथ लेकर चलने से उन्हें अलग तरह का आध्यात्मिक अनुभव हो रहा है. इसी आस्था के साथ वह परिवार और अन्य श्रद्धालुओं के बीच पैदल आगे बढ़ रहे हैं.

घर के 9 लड्डू गोपाल, जहां जाते हैं साथ ले जाते हैं

कांवड़िया रवि कुमार ने बताया कि उनके घर में 9 लड्डू गोपाल जी हैं और परिवार जहां भी जाता है, उन्हें अपने साथ लेकर जाता है. इस बार उनके मन में इच्छा हुई कि एक लड्डू गोपाल जी को हरिद्वार ले जाया जाए, वहां गंगा स्नान कराया जाए और फिर कांवड़ के साथ घर वापस लाया जाए.

रवि ने बताया कि सोशल मीडिया पर लड्डू गोपाल जी की कांवड़ का चलन देखने के बाद उनका भी मन बना. उन्होंने ठाकुर जी को हरिद्वार में स्नान कराया और अब उनके साथ यमुनानगर की यात्रा कर रहे हैं. रवि के साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी इस सफर में शामिल हैं, हालांकि बच्चे और पत्नी कुछ आगे चल रहे हैं.

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रवि का कहना है कि वे लड्डू गोपाल जी को परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं. पहले वह किराए के मकान में रहते थे, लेकिन अब उनका अपना घर बन गया है. घर में लड्डू गोपाल जी को स्थापित करने के बाद उनकी आस्था और भी गहरी हुई है. अब परिवार जहां भी जाता है, ठाकुर जी को साथ ले जाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है.

'लड्डू गोपाल जी ने भी कांवड़ उठा रखी है'

रवि कुमार ने बताया कि उनके पास 21 नंबर के कान्हा जी हैं और उन्हें इस यात्रा में साथ लेकर चलना उन्हें बेहद अच्छा लग रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस होता है जैसे लड्डू गोपाल जी ने भी कांवड़ उठा रखी हो. हरिद्वार में उन्हें स्नान कराने के बाद अब परिवार पूरे उत्साह के साथ यमुनानगर की ओर बढ़ रहा है.

कांवड़ यात्रा के दौरान लड्डू गोपाल जी को वॉकर में लेकर चलने का यह दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. रास्ते से गुजरने वाले श्रद्धालु और राहगीर रुककर इस अनोखी कांवड़ को देख रहे हैं. परिवार के लिए यह यात्रा आस्था, परंपरा और ठाकुर जी के प्रति लगाव का संगम बनी हुई है.

हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद अब लड्डू गोपाल जी परिवार के साथ पैदल यमुनानगर की यात्रा कर रहे हैं. वहां पहुंचकर गंगाजल भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा. भक्तों का कहना है कि इस यात्रा से उन्हें मन की शांति मिल रही है और ठाकुर जी को साथ लेकर चलना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव है.

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