उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सावन के महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के बीच एक अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस कांवड़ को अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोटों से सजाया गया है. इसमें 500, 200, 100, 50 और 10 रुपये के नोट लगाए गए हैं.
एक कांवड़ पर करीब 2 लाख 70 हजार रुपये के नोट लगाए गए हैं, जबकि दूसरी कांवड़ लगभग 50 हजार रुपये की रकम से सजाई गई है. रास्ते से गुजरते समय इन कांवड़ों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है. कई लोग इन्हें देखने के साथ छूने के लिए भी पहुंच रहे हैं.
यह भी पढ़ें: सहारनपुर की लकड़ी का दुनिया में डंका, ODOP से कारीगरों को मिला सहारा, 'वुडन सिटी' के कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
हरिद्वार से हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की तरफ जाने वाले लाखों कांवड़िए इन दिनों सहारनपुर से होकर गुजर रहे हैं. इसी दौरान नोटों से सजी इन कांवड़ों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कांवड़ियों के मुताबिक, रात के वक्त भी काफी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं, जिसके चलते उन्हें इसकी सुरक्षा के लिए जागना पड़ता है.
यूपी में एंट्री के बाद पुलिस का पहरा
नोटों से सजी कांवड़ की सुरक्षा के लिए यूपी में प्रवेश करने के बाद पुलिसकर्मी भी लगातार साथ चल रहे हैं. जिस थाना क्षेत्र से कांवड़ गुजरती है, वहां की पुलिस उसे अगली पुलिस चौकी तक सुरक्षा देती है. इसके बाद अगले क्षेत्र की पुलिस जिम्मेदारी संभाल लेती है.
कांवड़िया मोनू ने बताया कि उनकी 2 लाख 70 हजार रुपये की कांवड़ को तैयार करने में करीब दो दिन लगे. इसमें 500, 200, 100, 50 और 10 रुपये के नोट लगाए गए हैं. वह इसे हरिद्वार से जगाधरी-यमुनानगर तक लेकर जाएंगे. उनके साथ करीब 10 कांवड़ियों की टीम है.
मोनू के मुताबिक, वह पिछले चार साल से नोटों से सजी कांवड़ लेकर जा रहे हैं और यह उनकी चौथी कांवड़ है. पहली बार उन्होंने करीब एक लाख रुपये के नोटों से कांवड़ सजाई थी. इसके बाद रकम करीब डेढ़ लाख, फिर ढाई लाख और अब बढ़कर 2 लाख 70 हजार रुपये हो गई है. उनका अगली बार करीब 5 लाख रुपये के नोटों से कांवड़ सजाने का इरादा है.
'बड़ी कांवड़ और DJ देखते थे, तो नोटों वाली बनाने का सोचा'
मोनू ने बताया कि वह अक्सर बड़ी-बड़ी कांवड़ और बड़े DJ सेटअप देखते थे. इसी से उनके मन में भी कुछ अलग करने का विचार आया और उन्होंने नोटों से कांवड़ सजाने का फैसला किया. उनका कहना है कि इस तरह वह अपने देश का नाम रोशन करना चाहते हैं.
मोनू की दूसरी कांवड़ करीब 50 हजार रुपये के नोटों से तैयार की गई है. कांवड़ियों की टीम 5 अगस्त को हरिद्वार से रवाना हुई थी और 9 अगस्त तक जगाधरी-यमुनानगर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. रास्ते में उनकी सबसे बड़ी चुनौती नोटों से सजी कांवड़ की सुरक्षा बनी हुई है.
उन्होंने बताया कि रात में बड़ी संख्या में लोग कांवड़ देखने और उसे छूने के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में कांवड़ियों को रात करीब चार बजे तक जागकर इसकी निगरानी करनी पड़ती है. हालांकि, पुलिस की मौजूदगी से उन्हें काफी मदद मिल रही है. उनके मुताबिक, यूपी में प्रवेश करने के बाद पुलिसकर्मी लगातार साथ चल रहे हैं और अगली चौकी तक सुरक्षित पहुंचा रहे हैं.
50 हजार की कांवड़, डेढ़ दिन में हुई तैयार
जगदीप नाम के कांवड़िए की कांवड़ भी नोटों से सजी हुई है. उन्होंने बताया कि उनकी कांवड़ पर करीब 50 हजार रुपये के नोट लगाए गए हैं और इसे तैयार करने में करीब डेढ़ दिन का समय लगा. कांवड़ की सुरक्षा के लिए टीम के सदस्य रात में बारी-बारी से जागते हैं.
जगदीप के मुताबिक, जब एक कांवड़िया जागता है तो दूसरा आराम करता है और फिर तीसरा उसकी जगह निगरानी करता है. इस तरह रातभर कांवड़ की सुरक्षा की जाती है. इसके अलावा दो पुलिसकर्मी भी उनके साथ चल रहे हैं, ताकि कांवड़ को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे.
कांवड़ियों ने यूपी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर तारीफ की. मोनू ने कहा कि उत्तराखंड से निकलने के बाद यूपी में पुलिस की व्यवस्था उन्हें बेहतर लगी. उनका कहना है कि पुलिसकर्मी लगातार उनके साथ चल रहे हैं और हर अगली चौकी तक सुरक्षा दे रहे हैं. इसी वजह से नोटों से सजी इन कांवड़ों को लेकर कांवड़िए काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं.
राहुल कुमार