यूपी के रामपुर में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया जिसने प्रशासन और UIDAI अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. सेंट मैरी स्कूल की कक्षा 10 की जुड़वां छात्राएं खिज़रा और तूबा जुबैर अपने आधार कार्ड अपडेट न होने की समस्या से कई महीनों से जूझ रही थीं. दोनों बहनों के बायोमेट्रिक विवरण, विशेषकर रेटिना और फिंगरप्रिंट, इतने समान थे कि एक का आधार अपडेट होते ही दूसरे का आवेदन डुप्लीकेसी में जाकर निरस्त हो जाता था.
10वीं बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन में आ रही परेशानी को देखते हुए परिवार ने जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी से मदद मांगी. डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए UIDAI के दिल्ली और लखनऊ कार्यालयों से संपर्क किया. कई महीनों की प्रक्रिया और विशेष तकनीकी व्यवस्था के बाद आखिरकार दोनों छात्राओं के अलग-अलग आधार कार्ड सफलतापूर्वक अपडेट हो गए. छात्राओं और उनके परिजनों ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया है, जबकि डीएम ने इसे बेहद दुर्लभ मामलों में से एक बताया है.
मोबाइल के फेस लॉक से सामने आई समस्या
खिजरा जुबैर के मुताबिक, परिवार को सबसे पहले दोनों बहनों के चेहरे और आंखों की समानता का अंदाजा तब हुआ, जब उनके पिता ने मोबाइल के फेस लॉक से जुड़ा प्रयोग किया. उनके अनुसार, एक बहन के चेहरे से फोन लॉक करने के बाद दूसरी बहन का चेहरा दिखाने पर भी फोन अनलॉक हो गया. इसके बाद परिवार को शक हुआ कि दोनों के बायोमेट्रिक विवरण में असामान्य समानता हो सकती है.
खिजरा ने बताया कि कई बार आधार केंद्र पर जाने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई. इसके बाद परिवार के लोग रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मिले और पूरी समस्या बताई. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने यूआईडीएआई के दिल्ली और लखनऊ कार्यालयों से संपर्क किया. इसके बाद विशेष प्रक्रिया के तहत दोनों छात्राओं के आधार रिकॉर्ड को अपडेट कराने की कोशिश शुरू हुई.
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परिवार के सदस्य मकसूद अहमद ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में करीब ढाई से तीन महीने का समय लगा. इस दौरान प्रशासन और यूआईडीएआई की ओर से दिए गए निर्देशों के मुताबिक परिवार ने जरूरी प्रक्रिया पूरी की. आखिरकार दोनों बहनों के आधार कार्ड अलग-अलग अपडेट हो गए.
मकसूद अहमद के मुताबिक, आधार कार्ड अपडेट नहीं होने की वजह से दोनों छात्राओं के 10वीं कक्षा के पंजीकरण में परेशानी आ रही थी. उन्होंने कहा कि पहले एक का आधार अपडेट होता था तो दूसरे का आवेदन निरस्त हो जाता था. परिवार के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद डीएम की पहल से यह समस्या दूर हो सकी.
डीएम बोले- 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मामला
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि खिजरा और तूबा जुबैर एक जैसी दिखने वाली जुड़वां बहनें हैं. बचपन में उनके आधार कार्ड अभिभावकों की पहचान के आधार पर बनाए गए थे. अब 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए उन्हें अपने बायोमेट्रिक विवरण के आधार पर आधार अपडेट कराना था.
डीएम के मुताबिक, जब पहली छात्रा का आधार बायोमेट्रिक के आधार पर अपडेट हो गया तो दूसरी छात्रा के फिंगरप्रिंट और आंखों के स्कैन पहले रिकॉर्ड से मेल खाने के कारण उसका आवेदन डुप्लीकेसी में चला गया. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने यूआईडीएआई के दिल्ली कार्यालय से संपर्क किया, जहां से लखनऊ स्थित संबंधित अधिकारियों से समन्वय कराया गया. विशेष व्यवस्था के तहत लगातार प्रयास किए गए और करीब चार-पांच महीने की प्रक्रिया के बाद दोनों छात्राओं के अलग-अलग आधार कार्ड अपडेट हो सके.
जिलाधिकारी ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' बताया. उन्होंने कहा कि आमतौर पर जुड़वां बच्चों के बायोमेट्रिक विवरण में भी कुछ न कुछ अंतर होता है, लेकिन इस मामले में दोनों के विवरण में ऐसी समानता सामने आई, जिससे आधार अपडेट की प्रक्रिया में डुप्लीकेसी की समस्या पैदा हो गई.
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आधार अपडेट होने से बोर्ड परीक्षा का रास्ता साफ
आधार कार्ड अपडेट होने के बाद दोनों छात्राओं के 10वीं कक्षा के पंजीकरण की राह आसान हो गई है. खिजरा ने इसके लिए जिलाधिकारी और प्रशासन का आभार जताया है. यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान सामने आई असामान्य बायोमेट्रिक समानता ने दोनों छात्राओं के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी थी. कई महीनों की कोशिश के बाद प्रशासन और यूआईडीएआई के समन्वय से आखिरकार दोनों के अलग-अलग आधार कार्ड अपडेट हो सके.
आमिर खान