अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली विशेष बैठक कई अहम फैसलों के कारण चर्चा में है. ट्रस्ट की इस बैठक में तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरने, नए महासचिव की नियुक्ति और राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा राम मंदिर दान गबन मामले में SIT की रिपोर्ट, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे में मिले नोटों की गिनती भी बैठक के एजेंडे में शामिल है.
बैठक से पहले ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि ट्रस्ट में खाली पड़े ट्रस्टी पदों को भरना जरूरी है. उन्होंने बताया कि बैठक में सबसे पहले इन्हीं पदों पर चर्चा होगी. अन्य मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा, लेकिन उनका फैसला बैठक के दौरान होने वाली चर्चा के आधार पर होगा. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई है. जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह बैठक में विचार-विमर्श के बाद ही होगा.
राम मंदिर में कथित दान गबन मामले को लेकर भी बैठक अहम मानी जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस की जगह विशेष जांच दल यानी SIT को सौंपने की संभावना पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था. इस पर स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि पहले मौजूदा SIT की रिपोर्ट आने दी जाए. रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट नई SIT बनाने का सुझाव देता है तो क्या होगा, इस पर उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा SIT को उपयुक्त नहीं माना जाता तो दूसरी SIT बनाने से भी बहुत अंतर नहीं पड़ेगा.
तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरने पर होगा मंथन
स्वामी परमानंद गिरि ने बताया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. ट्रस्ट ने छह जुलाई की बैठक में उनके इस्तीफों का संज्ञान ले लिया था. जब उनसे ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. इधर, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़ा की अयोध्या इकाई के मुख्य महंत दिनेंद्र दास ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें उन्हें अखाड़े के पद से हटाए जाने का दावा किया गया था.
अयोध्या में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया. उन्होंने दावा किया कि निर्मोही अखाड़ा के 19 पंचों में से 13 उनके साथ हैं. साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं. महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि बुधवार दोपहर तीन बजे होने वाली ट्रस्ट की बैठक में तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरने पर चर्चा होगी. इसके अलावा राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिले नोटों की गिनती और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी. ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, बुधवार को पहले राम मंदिर परिसर में विशेष बैठक होगी. इसके बाद मणिराम छावनी में नियमित बैठक आयोजित की जाएगी.
नई SIT की जरूरत पर भी उठे सवाल
बैठक के एजेंडे में नए महासचिव की नियुक्ति, तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरना और राम मंदिर के पहले CEO के चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शामिल है. इसके अलावा दान गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की गई SIT रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है. ट्रस्ट में तीन पद खाली हुए हैं. इनमें पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद रिक्त हुए, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद एक और पद खाली हो गया. दान गबन का मामला जून में सामने आया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया था. इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
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