उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा से एक खबर सामने आ रही है. मुहर्रम के मौके पर कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बाहुबली कुंडा विधायक राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 13 समर्थकों को हाउस अरेस्ट कर दिया है.
कुंडा के उप जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, राजा उदय प्रताप सिंह के साथ जितेंद्र यादव, आनंदपाल, रमाशंकर मिश्र, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, हनुमान प्रसाद पांडेय, केसरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, निर्भय सिंह, गया प्रसाद प्रजापति, मोहनलाल और जुगनू विश्वकर्मा को 25 जून सुबह 5 बजे से 26 जून रात 9 बजे तक अपने आवासीय परिसर में ही रहने का निर्देश दिया गया है.
बता दें कि शेखपुर आशिक गांव में हर साल मुहर्रम के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती और तनाव की स्थिति के पीछे एक दशक से अधिक पुरानी घटना है.
साल 2012 में शेखपुर गांव में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने वहां हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था. इसके बाद से ही राजा उदय प्रताप सिंह वहां हर साल मुहर्रम के दिन ही हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन करने लगे.
साल 2013 और 2014 में भंडारा और मुहर्रम जुलूस साथ निकले, लेकिन 2015 में स्थिति बदल गई. मुस्लिम समुदाय ने मंदिर पर भंडारे और झंडे का विरोध करते हुए ताजिया उठाने से मना कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया.
2016 में जब प्रशासन ने भंडारे की अनुमति नहीं दी, तो मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा. हालांकि, कोर्ट ने निर्णय का अधिकार डीएम के विवेक पर छोड़ दिया. इसके बाद से ही राजा उदय प्रताप सिंह को हर साल मुहर्रम के मौके पर एहतियातन हाउस अरेस्ट करना एक परंपरा जैसा बन गया है.
2016 से अब तक वे 6 बार से अधिक नजरबंद किए जा चुके हैं. इस बार भी प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. शेखपुर आशिक के मुहर्रम रूट को चार सेक्टरों में बांटा गया है और तीन किलोमीटर तक भारी पुलिस फोर्स, पीएसी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है. हर साल मुहर्रम के त्योहार पर राजा भैया के पिता का हाउस अरेस्ट होना एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन जाता है.
अपर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बृजनंदन राय ने इसे शांति व्यवस्था की अनिवार्यता बताया है. वहीं दूसरी ओर राजा भैया के समर्थकों में इसे लेकर भारी नाराजगी है.
सुनील कुमार यादव