'यह कैसा समाजवाद?', ओमप्रकाश राजभर ने JPNIC को लेकर अखिलेश यादव को घेरा

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर JPNIC परियोजना में हुए खर्च, संचालन समिति में परिवार के सदस्यों की भूमिका और व्यावसायिक सुविधाओं से होने वाली कमाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए.

Advertisement
राजभर ने JPNIC परियोजना को लेकर अखिलेश यादव को घेरा  (Photo: ITG) राजभर ने JPNIC परियोजना को लेकर अखिलेश यादव को घेरा (Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 11 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. राजभर ने JPNIC परियोजना पर हुए खर्च, संचालन समिति में परिवार के सदस्यों की भूमिका और व्यावसायिक सुविधाओं से होने वाली कमाई को लेकर भी सवाल खड़े किए. 

राजभर ने JPNIC परियोजना को लेकर अखिलेश यादव को घेरा है. उन्होंने सवाल किया कि निर्माण पूरा क्यों नहीं हुआ और जनता के पैसे का हिसाब कौन देगा. उन्होंने अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और वसीम हसन की कथित भूमिका का जिक्र करते हुए संचालन समिति के गठन और उसके अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए. 

Advertisement

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओ.पी. राजभर ने JPNIC में प्रस्तावित होटल, क्लब, जिम और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इनके संचालन और कमाई की व्यवस्था किसके हाथों में जानी थी. उन्होंने कहा, 'जनता के पैसे से संपत्ति बने और उसकी कमाई की व्यवस्था खुद के लोगों के लिए हो, यह कौन सा समाजवाद था?'

यह भी पढ़ें: 'CM योगी के खिलाफ अयोध्या से उतरें अखिलेश, पीछे न हटें', राजभर ने दी चुनौती

ओमप्रकाश राजभर ने अयोध्या से चुनाव लड़ने के मुद्दे को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती अखिलेश यादव ने दी थी. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को खुद भी अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए. राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव हारेंगे लेकिन उन्हें अपनी ही दी गई चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए.

Advertisement

राजभर ने राज्यसभा की सीटों के लिए समाजवादी पार्टी के चयन पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की बात करते हैं लेकिन चयन में परिवार और धनाढ्य लोगों को प्राथमिकता दी गई. उन्होंने सवाल किया कि क्या PDA सिर्फ भाषणों और पोस्टरों तक ही सीमित है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »