'इंतजामिया कमेटी कितनी भी कोशिश कर ले...', ज्ञानवापी मामले में बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा गया कि मुस्लिम पक्ष मान नहीं रहा है. हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कह रहा है. इस पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष या किसी भी पक्ष के अधिकार को नहीं रोका जा सकता. उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है.

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद.

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 26 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:58 PM IST

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने एक बयान में मुस्लिम समाज के अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तुलना निशाचर से कर दी. ऐसा उन्होंने ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में शुरू हुई पूजा को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने के एलान पर कहा. उन्होंने कहा कि पूजा में विघ्न डालने वाले निशाचर प्रवृत्ति के होते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे किसी को निशाना साधते हुए ऐसा नहीं कह रहे हैं, बल्कि एक सामान्य बात बता रहें हैं.

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दरअसल, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा गया कि मुस्लिम पक्ष मान नहीं रहा है. हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कह रहा है. इस पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष या किसी भी पक्ष के अधिकार को नहीं रोका जा सकता. उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है. लेकिन वे किसी भी कोर्ट में ये बता दे कि अत्याचार को समर्थन न्यायालय का मिल सकता है? क्योंकि न्यायालय तो न्याय करने बैठी है.

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'पूजा-पाठ को रोकना निशाचरी प्रवृत्ति में आता है'

इंतजामिया कमेटी जितना भी प्रयास कर ले, लेकिन आपके पूर्वजों के द्वारा अत्याचार किया गया है. जिसको न्यायालय कभी भी समर्थन नहीं देगा. उन्होंने कहा कि उनकी कही बात दूसरे संदर्भ में ली जा सकती है. लेकिन पूजा-पाठ को रोकना निशाचरी प्रवृत्ति में आता है. जब हमारे यहां ऋषीमुनी यज्ञ करते थे, तो निशाचरी लोग आकर यज्ञ रोकते थें. हम किसी को निशाचर नहीं कह रहें हैं. लेकिन एक प्रवृत्ति होती है, जो अच्छे काम में बाधा पैदा करती है. ऐसा हम उस प्रवृत्ति को लेकर कह रहें हैं. किसी व्यक्ति या समाज को नहीं कह रहे हैं. 

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10 बजे 10 मिनट के लिए भारत बंद

वहीं, शंकराचार्य ने 10 मार्च को सुबह 10 बजे 10 मिनट के लिए गौ हत्या रोके जाने को लेकर भारत बंद का ऐलान किया है. साथ ही नारा दिया कि 10-10-10 गौ हत्या बस. गौ माता के तड़प पर भारत सड़क पर. उन्होंने बताया कि गौ हत्या पर रोक लगे और गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए. साथ ही 14 मार्च को वृंदावन में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करके दिल्ली तक की पदयात्रा भी करेंगे.

'गौ हत्या बंद करके गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देंगे'

भारत के सभी राजनीतिक दलों से अपील कर रहें हैं कि हमारे साथ दो कदम चलिए. साथ ही राजनीतिक दल शपथ पत्र दें कि अगर सत्ता में आए, तो गौ हत्या को बंद करके गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देंगे. ऐसे ही पार्टी को वोट दिया जाएगा. क्योंकि सत्ता में आकर गौ हत्या को न रोकने वाली पार्टी को वोट देने से हमको भी गौ हत्या को दोष लगेगा. इसीलिए हम खुद को गौ हत्या के दोष से बचाना चाहते हैं. 

'तीसरा गठबंधन "गौ गठबंधन" के नाम से बनाए हैं'

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि वे NDA और INDIA गठबंधन की तरह तीसरा गठबंधन "गौ गठबंधन" के नाम से बनाए हैं. इसमें जुड़ने के लिए राजनीतिक पार्टी को शपथ पत्र के जरिए गौ हत्या रोकने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने को वरीयता देना होगा. ऐसी पार्टियां गौ गठबंधन में शामिल होंगी.

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'2000 राजनैतिक दलों से संपर्क करके शपथपत्र लेंगे'

उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल न होने वाली पार्टी कहलायेगी गौ हत्यारे, जिनको वोट न करने की अपील की जाएगी. जबकि गौ गठबंधन करने वाली पार्टियों को ही जनता से वोट करने की अपील की जाएगी. हम कसाई को नहीं, हम भाई को वोट देंगे. उन्होंने बताया कि अब तक 3 राजनीतिक दलों ने अपना शपथपत्र भी दे दिया है. उन्होंने बताया 2100 गौ दूत बनाए गए है, जो 2000 राजनैतिक दलों से संपर्क करके शपथपत्र लेंगे और उसको सार्वजनिक भी करेंगे.

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