उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग का 24 घंटे का सर्च ऑपरेशन जारी है. स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
इस बीच, फॉरेस्ट रेंजर रिजुल कंसल ने बताया कि ठाकुरद्वारा रेंज में अब तक 5 तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा चुका है. सर्च ऑपरेशन में 6 से 7 जिलों की टीमों के साथ-साथ आगरा के वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स भी मदद कर रहे हैं.
रिजुल कंसल ने जानकारी दी कि पुलिस और वन विभाग की टीमें हर सूचना पर एक्शन ले रही हैं और तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए कैमरों और थर्मल ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
बता दें, बलिया गांव में चारा लेने खेत में गई एक बुजुर्ग महिला बिरमा देवी पर तेंदुए ने हमला किया था. तेंदुए ने उनकी गर्दन पर हमला किया और महिला की मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस घटना के बाद गांव में डर ऐसा बैठा कि खेतों में काम करने से लेकर रात को घर से बाहर निकलने तक पर पहरा लग गया.
गांव में पुलिस, PAC और QRT की टीमें तैनात की गईं. वन विभाग ड्रोन से निगरानी कर रहा है. तेंदुओं को पकड़ने के लिए करीब 22 पिंजरे लगाए गए. प्रशासन के मुताबिक, इस पूरे इलाके में करीब 20 से 25 तेंदुओं की मौजूदगी की जानकारी सामने आई. यानी यह कहानी सिर्फ एक तेंदुए की नहीं है कहानी उस पूरे इलाके की है, जहां गन्ने के खेतों में तेंदुओं को छिपने की जगह मिल जा रही है और उन्हीं खेतों के बीच इंसानों की जिंदगी भी चल रही है.
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