UP ATS ने दो युवकों को आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है. जिनकी पहचान बागपत के रमाला गांव निवासी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और दिल्ली की पुरानी सीमापुरी स्थित सनलाइट कॉलोनी निवासी समीर खान के रूप में हुई है.
20 साल का तुषार चौहान वर्तमान में मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित वैष्णो धाम कॉलोनी में रह रहा था. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं.
हालांकि, तुषार के परिजन बेटे को फसाने का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे फंसाया गया है.
परिजनों ने बताया कि तुषार मोबाइल में ही घुसा रहता था और मोबाइल पर ही गेम खेलने का शौकीन था.
तुषार के परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर मुस्लिम धर्म गुरुओं पर टिप्पणी की थी. इसके बाद उसे पर मुकदमा भी किया गया था और गिरफ्तार भी किया गया था.
परिजनों की ओर से आरोपी को लेकर अलग तस्वीर सामने रखी जा रही है. पिता शैलेंद्र चौहान और उसकी मां का कहना है कि उनका बेटा एक मानसिक बीमारी से जूझ रहा है. उनका दावा है कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उसे सोशल मीडिया के जरिए फंसाया गया है.
परिवार के मुताबिक, सोशल मीडिया पर तुषार के संपर्क में एक अज्ञात व्यक्ति आया था, जिसने खुद को पाकिस्तान आर्मी से जुड़ा बताया. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और तुषार उस व्यक्ति के प्रभाव में आ गया उसे जाल में फंसाया गया.
पिता का कहना है, ''तुषार तो साथ ही हर समय रहता था. हमें नहीं मालूम कि उसने मुस्लिम धर्म कब अपनाया और उसका हिजबुल्लाह नाम कब से रखा गया.'' परिवार का कहना है कि तुषार 10वीं तक पढ़ा है. देखें VIDEO:-
हालांकि, एजेंसियां गिरफ्तारी के बाद सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश जारी है कि मामला कितना बड़ा है.
उस्मान चौधरी