उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़े पैमाने पर फेरबदल और कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है. पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाते हुए अपने समधी (आकाश आनंद के ससुर) अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इसके अलावा बीएसपी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
पार्टी से बाहर करने से पहले मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों का प्रभार वापस ले लिया था. वहीं, इन सभी जिम्मेदारियों से हटाने के बाद सोशल मीडिया पर आधिकारिक पोस्ट के जरिए दोनों नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने का ऐलान किया गया.
मायावती ने कहा कि यूपी में आगामी विधानसभा आम चुनावों की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को तय करने का अधिकार पूरी तरह से उनके पास है. उन्होंने लखनऊ पार्टी कार्यालय में खुद बैठकें कर दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिए हैं और आगे भी सभी सीटों पर टिकट वही तय करेंगी.
एक्स पर पोस्ट कर किया ऐलान
पार्टी से बाहर करने से पहले मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों का प्रभार वापस ले लिया था. वहीं, रणधीर सिंह बेनीवाल के पास पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारियां थीं. इन सभी जिम्मेदारियों से हटाने के बाद सोशल मीडिया पर आधिकारिक पोस्ट के जरिए दोनों नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने का ऐलान किया गया
आकाश आनंद केवल पार्टी के तय किए गए उम्मीदवारों की घोषणा के लिए जनसभाएं कर रहे हैं, जिसका उनके कद को घटाने या बढ़ाने से कोई लेना-देना नहीं है. मायावती ने पार्टी के लोगों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आकाश आनंद के बारे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अनाप-शनाप बातों और अफवाहों से सावधान रहें, क्योंकि इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है. ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से पार्टी के लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए.
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अपने एक्स हैंडल पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखते हुए मायावती ने कहा, 'जैसा कि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय में ली गई हैं और आगे भी जरूरत के अनुसार ली जाएंगी....अभी तक मेरे द्वारा उनका इंटरव्यू आदि लेकर लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से ज़्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिए गए हैं और आगे भी सभी सीटों पर मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किये होंगे. जिसके बारे में अब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को लेकर क़िस्म-क़िस्म के भ्रम फैलाये जा रहे हैं जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है. '
मायावती ने कहा, 'इससे पहले देश के कई राज्यों में अभी हाल ही में विधानसभा के आमचुनाव हुए हैं जहां मेरे दिशा-निर्देशन में ही चुनावी जनसभा लेने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनंद को भेजा गया और पिछले लगभग एक वर्ष से इनकी पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें व जनसभा आदि करने के लिए भी इनको भेजा जा रहा है. वे भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं... यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत् हो रहा है. इसका श्री आकाश आनंद के क़द को बढ़ाने व कम करने आदि से कोई लेना देना नहीं है और ना ही पार्टी के उम्मीद्वार भी तय करने से कोई लेना देना है.
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मायावती ने लिखा, 'आकाश पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में यूपी में कुछ स्थानों पर पार्टी के उम्मीद्वार के ऐलान के लिये जनसभा कर रहे हैं. लेकिन फिर भी इनके बारे में सोशल मीडिया आदि पर आए दिन अनाप-सनाप बातें करना यह ठीक नहीं है. पार्टी के लोग ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें.'
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