पश्चिम बंगाल की रोशनी ने प्रेमी नीरज यादव के साथ मिलकर मेरठ के डिफेंस कॉलोनी निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर बड़ी चोरी की. सोमवार दोपहर उसने मालकिन रेखा भल्ला को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया, फिर तिजोरी की चाबी लेकर कैश, गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी चुराई. वह ऑटो और बस से आगरा होते हुए कानपुर भागी. अब पुलिस ने दोनों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का माल बरामद करने में जुटी है.
प्रेम प्रसंग में रचा गया साजिश का जाल
रोशनी डेढ़ साल से कारोबारी के घर में मेड का काम कर रही थी. सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात कानपुर के नीरज यादव से हुई. दोनों की मुलाकातें बढ़ीं और प्यार परवान चढ़ गया. इसके बाद साथ जीने के लिए पैसों की जरूरत पड़ी, जिसकी योजना उन्होंने कारोबारी की कोठी पर आकर बनाई. नीरज ने चोरी का पूरा प्लान तैयार किया और रोशनी ने इसे बड़ी सफाई से अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रेमी जोड़े ने भागने के लिए अलग-अलग रास्ते चुने ताकि किसी को शक न हो सके.
चाय में नशीला पदार्थ देकर किया बेहोश
सोमवार दोपहर को कोठी में आशुतोष भल्ला की 70 वर्षीय मां रेखा भल्ला और दो बच्चे मौजूद थे. योजना के मुताबिक रोशनी ने रेखा भल्ला को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर दे दीं. चाय पीते ही वह गहरी बेहोशी में चली गईं. इसके बाद नौकरानी ने बेझिझक कमरे की तिजोरी खोली और उसमें रखा सारा कीमती सामान समेट लिया. वारदात को अंजाम देने के बाद वह कोठी के पिछले दरवाजे से चुपचाप रफूचक्कर हो गई और तुरंत बेगमब्रिज पहुंचकर आगरा के लिए रवाना हो गई.
अस्पताल में हुआ खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
करीब दो घंटे तक जब रेखा भल्ला बाहर नहीं आईं, तो परिवार के लोगों को शक हुआ. अंदर जाकर देखा तो वह बेसुध पड़ी थीं और तिजोरी खुली मिली, जिसके बाद उन्हें जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया. सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और चार टीमों का गठन किया गया. सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने अंततः आरोपी नौकरानी और उसके प्रेमी को कानपुर से धर दबोचा. पुलिस अब कानपुर में खपाए गए चोरी के सामान की बरामदगी के लिए तेजी से प्रयास कर रही है.
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