50 लाख का लालच, दोस्ती में विश्वासघात और घाघरा नदी में दो लाशें, ऐसे खुला लखनऊ का डबल मर्डर

लखनऊ में KGMU के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन कुमार गर्ग और उनके दोस्त सचिन विश्वकर्मा की 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा कर हत्या कर दी गई. मुख्य आरोपी नितिन मिश्रा पवन को पहले से जानता था. दोनों को बंधक बनाने के बाद रकम नहीं मिलने पर रस्सी से गला घोंटा गया और शव घाघरा नदी में फेंक दिए गए.

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फिरौती मांगने की रकम न मिलने पर रस्सी से घोंटा था गला. (Photo: ITG) फिरौती मांगने की रकम न मिलने पर रस्सी से घोंटा था गला. (Photo: ITG)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

राजधानी लखनऊ में 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए रची गई साजिश का खौफनाक अंजाम सामने आया है. KGMU के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन कुमार गर्ग और उनके दोस्त सचिन विश्वकर्मा की अगवा कर हत्या कर दी गई. आरोपियों ने दोनों को बंधक बनाया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी. रकम नहीं मिलने पर दोनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई. इसके बाद शवों को थार गाड़ी से ले जाकर घाघरा नदी में फेंक दिया गया. पुलिस ने इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू महराज, अवनीश कुमार मौर्या, प्रकाश सिंह उर्फ पुद्दी, सूरज सिंह और मोहित सिंह शामिल हैं.

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डीसीपी नॉर्थ अमित कुमार आनंद के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी नितिन मिश्रा पवन कुमार गर्ग को पहले से जानता था. पवन ने उससे प्रॉपर्टी में निवेश के लिए अपने पास 50 से 60 लाख रुपये होने की बात कही थी. साथ ही जमीन दिखाने के लिए भी कहा था. पुलिस के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम के बारे में जानकारी मिलने के बाद नितिन की नीयत बदल गई. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पवन के अपहरण और फिरौती की साजिश रची.

27 सितंबर की रात बुलाया, दोस्त को भी साथ ले आए पवन

साजिश के तहत 27 सितंबर की रात नितिन ने पवन को भिठौली क्रॉसिंग पर बुलाया. पवन वहां अकेले नहीं पहुंचे. वह अपने दोस्त सचिन विश्वकर्मा को भी साथ लेकर पहुंचे.इसके बाद आरोपी दोनों को इटौंजा स्थित न्यू फौजी ढाबे पर ले गए. वहां शराब पीने के दौरान कहासुनी हो गई. इसके बाद आरोपियों ने पवन और सचिन को अन्नामऊ में नितिन के अंडर-कंस्ट्रक्शन मकान में ले जाकर बंधक बना लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों को अलग-अलग कमरों में रखा था. इस दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए नितिन ने पवन की ब्रेजा कार को ढाबे से हटा दिया और उसे सीतापुर में खड़ा कर आया.

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दोनों को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी. लेकिन पवन ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद आरोपियों को डर था कि मामला पुलिस तक पहुंच सकता है. पुलिस के मुताबिक, इसी वजह से आरोपियों ने दोनों की हत्या करने का फैसला किया. 28 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे पवन और सचिन की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई. दोनों की हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को ठिकाने लगाने की तैयारी की. उसी दिन शाम करीब 5:30 बजे दोनों शवों को थार गाड़ी में लादा गया.

इसके बाद आरोपी महमूदाबाद के पास चलहरी घाट पहुंचे. यहां पुल के ऊपर से दोनों शवों को घाघरा नदी में फेंक दिया गया. पवन के अचानक गायब होने के बाद उनके भतीजे संजय गर्ग ने 29 सितंबर को मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने पवन की तलाश के लिए टोल प्लाजा और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. इस दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई अहम सुराग मिले.

2 अक्टूबर को पवन के भाई मनोज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. पुलिस को मुखबिर से भी आरोपियों के बारे में अहम सूचना मिली. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने भिठौली तिराहे से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी नितिन मिश्रा शामिल है, जो मिष्ठान दुकान संचालक बताया गया है. उसके अलावा अवनीश कुमार मौर्या, प्रकाश सिंह उर्फ पुद्दी, सूरज सिंह और मोहित सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है. मोहित सिंह आढ़त में मुनीम है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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घाघरा नदी में शवों की तलाश जारी

पुलिस अब दोनों शवों की तलाश में जुटी हुई है. घाघरा नदी में गोताखोरों की मदद से पवन कुमार गर्ग और सचिन विश्वकर्मा के शव खोजे जा रहे हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वाहनों और दूसरे साक्ष्यों को कब्जे में लिया है. सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. इस मामले में पुलिस के मुताबिक, प्रॉपर्टी में निवेश के लिए पवन के पास मौजूद 50 से 60 लाख रुपये की जानकारी ही पूरी साजिश की शुरुआत बनी. आरोपियों ने 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए दोनों को अगवा किया, लेकिन रकम नहीं मिलने पर दोनों की हत्या कर दी. इसके बाद शवों को घाघरा नदी में फेंक दिया गया. पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
 

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