लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब उस स्टूडियो से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आ रही हैं, जहां कई लोग आग में फंस गए थे. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से प्रभावित संस्थान हेड हॉपर स्टूडियो (Head Hopper Studio) था, जो 3डी गेम डेवलपमेंट और एनीमेशन के क्षेत्र में काम करता था. इसके मालिक का नाम तुशांक जायसवाल है.
बताया जा रहा है कि स्टूडियो में करीब 30 पेशेवर कर्मचारी कार्यरत थे, जिनमें 3डी गेम डेवलपर, 3डी आर्टिस्ट और एनीमेशन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे. यहां विभिन्न प्रकार के डिजिटल गेम, 3डी मॉडलिंग और एनीमेशन प्रोजेक्ट तैयार किए जाते थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग क्लाइंट्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए भेजा जाता था.
सूत्रों के मुताबिक, संस्थान में केवल व्यावसायिक प्रोजेक्ट ही नहीं बल्कि 3डी एनीमेशन और गेम डिजाइनिंग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाते थे. यहां बड़ी संख्या में तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े युवा प्रोफेशनल्स काम कर रहे थे.
आग लगने के समय भी स्टूडियो में कई कर्मचारी मौजूद थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैलने के कारण कर्मचारियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला. कई लोगों ने किसी तरह जान बचाई, जबकि कई अन्य लोग धुएं और आग के बीच फंस गए.
फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. आग लगने के कारणों, सुरक्षा इंतजामों और इमारत में मौजूद सुविधाओं की भी पड़ताल की जा रही है. इस हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक और प्रशिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आशीष श्रीवास्तव