कोडीन सिरप तस्करी: दुबई से शुभम को लाने की तैयारी, लुकआउट नोटिस जारी; नौकर बनकर लिया था लाइसेंस

प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी के महाजाल का पर्दाफाश करते हुए सोनभद्र एसआईटी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अपने पिता को मोहरा बनाकर फर्जी फर्मों के जरिए सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग तक नशा सप्लाई कर रहा था. अब उसे दुबई से भारत लाने की तैयारी तेज हो गई है.

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कोडीन युक्त कफ सिरप सप्लाई केस में शुभम जायसवाल की तलाश  (Photo- Screengrab) कोडीन युक्त कफ सिरप सप्लाई केस में शुभम जायसवाल की तलाश (Photo- Screengrab)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 23 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

सोनभद्र पुलिस की एसआईटी जांच में कफ सिरप तस्करी के किंगपिन शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद के फर्जीवाड़े की परतें खुली हैं. शुभम ने पिता के नाम पर रांची में फर्जी दस्तावेजों से 'शैली ट्रेडर्स' खोली और झारखंड में 10 व यूपी में 100 से अधिक फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की तस्करी की. भोला प्रसाद एक तरफ 3 लाख रुपये महीने का गोदाम किराया भर रहा था, तो दूसरी तरफ लाइसेंस लेने के लिए खुद को 7 हजार रुपये का मामूली नौकर दिखाया था. इस मामले में वाराणसी एसआईटी ने शुभम समेत चार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है.

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फर्जीवाड़े का अनोखा खेल: नौकर बनकर लिया लाइसेंस

जालसाजी की इंतहा देखिए कि भोला प्रसाद ने झारखंड के ड्रग्स विभाग को गुमराह करने के लिए खुद को एक मेडिकल फर्म में महज 7000 रुपये महीने का कर्मचारी बताया. इसी मामूली नौकरी के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर उसने ड्रग लाइसेंस हासिल किया. 

वहीं दूसरी तरफ, वह रांची के इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी नियमों के विरुद्ध 3 लाख रुपये महीने के किराए पर गोदाम चला रहा था. रांची के हटिया थाने में इस फर्जीवाड़े और एनडीपीएस एक्ट के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.

झारखंड से यूपी तक फर्जी फर्मों का जाल

जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने अपने नेटवर्क के जरिए झारखंड में देव कृपा, श्रेयसी और मां शारदा जैसी 10 फर्में खुलवाई थीं. इन फर्मों के माध्यम से एबॉट कंपनी की 'न्यू फेंसिडिल' कफ सिरप की फर्जी बिक्री दिखाकर बड़े पैमाने पर तस्करी की गई. एसआईटी ने अब कंपनी की हरियाणा स्थित फैक्ट्री से सिरप के उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा ब्यौरा मांगा है. तस्करी का यह काला कारोबार सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के सीमावर्ती इलाकों तक फैला हुआ था, जिसकी जांच अब ईडी भी कर रही है.

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दुबई से शुभम को लाने की तैयारी, लुकआउट नोटिस जारी

मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल इस समय दुबई में छिपा है. उसे वापस लाने के लिए वाराणसी एसआईटी ने शुभम, दिवेश, अमित जायसवाल और आकाश पाठक के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर केंद्रीय एजेंसियों को रिपोर्ट भेज दी है. दूसरी तरफ, मामले के अन्य आरोपी विभोर राणा और विशाल राणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गाजियाबाद पुलिस और एसटीएफ ने उन पर एनडीपीएस एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं, जिससे हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद अब उनका जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है.

एनडीपीएस एक्ट से कसा शिकंजा

तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी और गाजियाबाद में दर्ज मामलों में एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराएं जोड़ी हैं. कोर्ट से वारंट बनवाने की कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है. इस एक्ट के लगने से अब आरोपियों की जल्द रिहाई की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं. पुलिस का मानना है कि शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई सफेदपोश चेहरों का भी खुलासा हो सकता है, जिन्होंने इस अवैध कारोबार में करोड़ों की काली कमाई की है.

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