यूपी के कौशाम्बी जिले में बैशकांटी गांव की विमला सरोज के बाद जिले में अब एक और महिला गैंगस्टर हो गई है. करारी पुलिस ने मंझनपुर के बहादुरपुर गांव की सफीका खातून समेत 6 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है. हालांकि, सफीका को गैंग लीडर नहीं बनाया गया है. आरोपियों पर गोकशी व रेप जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं. अब इनकी संपत्ति भी कुर्क करने की तैयारी की जा रही है. करारी थाना क्षेत्र के तियरा जमालपुर गांव में 30 नवंबर 2025 को प्रतिबंधित मवेशियों के कटे हुए अवशेष मिले थे. यह काफी पुराने थे. मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ था.
पुलिस के मुताबिक, गैंग का कथित सरगना मुन्ना मंझनपुर थाना क्षेत्र के शरीफपुर गांव का रहने वाला है. उसके साथ बहादुरपुर गांव के तुफैल अहमद, नयाब, तौफीक अहमद, जुनैद अहमद उर्फ सुहेल अहमद और सफीका खातून को गिरोह का सदस्य बताया गया है. पुलिस का आरोप है कि यह गिरोह संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर आर्थिक और अन्य लाभ हासिल करता था.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 30 नवंबर 2025 को करारी थाना क्षेत्र के तिवरा जमालपुर में चारागाह की जमीन पर पशु के अवशेष और खून मिलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. इस मामले में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. जांच के दौरान छह आरोपियों के नाम सामने आए. पुलिस के अनुसार, मथुरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में नमूने को गाय या उसकी संतान का बताया गया.
इस मामले में पुलिस ने एक दिसंबर 2025 को मुन्ना और तुफैल अहमद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, दोनों के पैर में गोली लगी थी और उनके कब्जे से कथित तौर पर तमंचे, खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. इस संबंध में आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया था.
पुलिस के दस्तावेजों में मुन्ना के खिलाफ साल 2023 में दर्ज एक अन्य मामले का भी उल्लेख है. इस मामले में अपहरण और बाद में दुष्कर्म से संबंधित धाराएं बढ़ाए जाने की बात कही गई है. हालांकि, इन मामलों में आरोपपत्र दाखिल होने और अदालत में विचाराधीन होने का उल्लेख है. आरोपियों के दोषी होने का अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा किया जाना है.
एसपी सत्यनारायण का कहना है कि गिरोह के प्रभाव के कारण स्थानीय लोग शिकायत करने और गवाही देने से डरते थे. इसी आधार पर गिरोह की गतिविधियों को जनहित के लिए खतरा बताते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया. जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 18 अक्टूबर 2026 को करारी थाने में मुन्ना समेत 6 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
अखिलेश कुमार