पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक्शन में प्रशासन, लापरवाही पर तहसील-राजस्व विभाग के 8 कर्मचारी सस्पेंड

यूपी के कौशाम्बी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन ने लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. डीएम अमित पाल शर्मा के निर्देश पर तहसील और राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. अग्निशमन विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है. प्रशासन ने जांच में हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की बात कही है.

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दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई.(Photo: Akhilesh Kumar/ITG) दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई.(Photo: Akhilesh Kumar/ITG)

अखिलेश कुमार

  • कौशाम्बी,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:16 PM IST

यूपी के कौशाम्बी जिले में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हादसे की जांच में अलग-अलग स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद डीएम अमित पाल शर्मा के निर्देश पर तहसील और राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है.

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जांच के दौरान अग्निशमन से जुड़े दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार और अग्निशमन अधिकारी-द्वितीय अशोक कुमार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है. दोनों अधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवाएं मुख्यालय को भेजी गई है.

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प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है. वर्तमान में तैनात क्षेत्रीय लेखपाल दीपक सिंह और क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक देवी प्रसाद को निलंबित किया गया है. इसके अलावा महमूदपुर और चिल्ला शहबाजी क्षेत्र में पहले तैनात रहे रितेंद्र सिंह, मुमताज अहमद, चंद्रकांत, संतोष यादव, रवि सिंह और राजेंद्र प्रसाद पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है.

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पर्यवेक्षण में लापरवाही पर भी कार्रवाई

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में सिर्फ फील्ड स्तर के कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रही है. पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता बरतने के आरोप में सहायक चकबंदी अधिकारी और सम्बद्ध नायब तहसीलदार संजय कुमार के खिलाफ भी विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की तैयारी की गई है.

संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए चकबंदी आयुक्त, लखनऊ को रिपोर्ट भेजी गई है. प्रशासन की जांच में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी तय करने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है, ताकि हादसे से जुड़े हर स्तर की भूमिका की पड़ताल हो सके.

प्रशासन का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री विस्फोट जैसे गंभीर मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. जांच के दौरान जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.

दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है. जांच अभी भी जारी है और इसमें जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. प्रशासन का जोर हादसे के कारणों के साथ-साथ निगरानी और अनुमति से जुड़े तंत्र में हुई संभावित चूक की जिम्मेदारी तय करने पर है.

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पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद अब प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि लापरवाही के मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाया जा रहा है. तहसील, राजस्व, चकबंदी और अग्निशमन विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई हो सकती है.

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