उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में सरकारी खाद की कालाबाजारी से जुड़े एक बड़े मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. चरवा थाना पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने पंसौर गांव में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर सरकारी इफको यूरिया से लिक्विड यूरिया यानी DEF तैयार करने वाले गिरोह को पकड़ा है. कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, एक मकान में सरकारी यूरिया का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से DEF तैयार किए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद जिला कृषि अधिकारी डॉ. शिव शंकर चौधरी के नेतृत्व में कृषि विभाग और चरवा पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी. छापेमारी के दौरान वहां बड़े पैमाने पर सरकारी खाद और नकली उत्पाद तैयार करने का सामान मिला.
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कार्रवाई के दौरान महिंद्रा डीआई वाहन में रखी इफको यूरिया की 70 बोरियां और 100 खाली यूरिया बोरियां बरामद हुईं. इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों के नाम वाली DEF बाल्टियां, लिक्विड यूरिया तैयार करने की मशीन, पंप संयंत्र, CCTV कैमरे और इनवर्टर भी मिले. एक DCM वाहन से DEF की बाल्टियां और टंकियां भी पुलिस ने बरामद की हैं.
अलग-अलग ब्रांड के नाम पर बेचते थे नकली DEF
जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी यूरिया को अवैध तरीके से लिक्विड में बदलते थे. इसके बाद तैयार उत्पाद को अलग-अलग कंपनियों के नाम वाली पैकेजिंग में भरकर बाजार में उतारा जाता था. आरोपियों पर नकली उत्पाद को असली बताकर बेचने का आरोप है.
पुलिस को फैक्ट्री से इंडियन ऑयल, भारत बेंज और HP समेत कई कंपनियों के नाम वाली पैकेजिंग सामग्री भी मिली है. इससे आशंका है कि आरोपी अलग-अलग ब्रांड की पहचान का इस्तेमाल कर अपने तैयार किए गए उत्पाद को बाजार में बेच रहे थे.
छापेमारी के बाद पुलिस और कृषि विभाग ने बरामद सामग्री के साथ मकान को भी सील कर दिया. मामले में चरवा थाने में ट्रेड मार्क अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम और BNS की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी संरक्षण में
पुलिस ने मामले में राज बहादुर, सुनील पासी और मानवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है. पूछताछ के दौरान अवैध फैक्ट्री के संचालन से जुड़े दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें मुकदमे में नामजद किया गया है.
अब पुलिस इस पूरे कारोबार का नेटवर्क खंगाल रही है. जांच का फोकस सरकारी यूरिया की सप्लाई से लेकर उसे अवैध तरीके से लिक्विड में बदलने और फिर बाजार तक पहुंचाने वाली पूरी चेन पर है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
सरकारी यूरिया की सप्लाई चेन भी जांच के दायरे में
कौशाम्बी के SP सत्यनारायण ने बताया कि कृषि विभाग और चरवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सरकारी यूरिया से DEF तैयार करने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकारी यूरिया के इस कथित दुरुपयोग ने खाद की कालाबाजारी और नकली उत्पादों के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
अखिलेश कुमार