कानपुर के कलक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान अजब-गजब मामला देखने को मिला. नरवल निवासी अंकुर सिंह अपने पिता के नाम दर्ज शस्त्र लाइसेंस को विरासत के आधार पर अपने नाम कराने की मांग लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पहुंचे थे. बातचीत के दौरान जिलाधिकारी की नजर अंकुर के पान मसाला पर पड़ गई.
जिसके बाद उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार है, इसलिए पहले पान मसाला खाना छोड़ो. डीएम ने अंकुर को बुरी आदत से दूर करने, स्वास्थ्य सुधारने और पैसे की बचत के उद्देश्य से जरूरी दस्तावेजों के साथ शपथपत्र लाने के निर्देश दिए.
DM की अनोखी शर्त और निर्देश
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अंकुर को शस्त्र लाइसेंस के दावे के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने और सत्यापन कराने का निर्देश दिया. उन्होंने आवेदक से माता-पिता, बाबा और ग्राम प्रधान का यह शपथपत्र लाने को कहा कि वह पान मसाला छोड़ चुका है और आगे कभी इसका सेवन नहीं करेगा. डीएम की इस बात पर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे.
विरासत के आधार पर नियम
अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की. अधिकारियों ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस विरासत के आधार पर अपने आप या स्वतः नहीं मिल जाता है. नियमानुसार निर्धारित दस्तावेज, आवश्यक नियम और पूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा.
सिमर चावला