कानपुर के फीलखाना निवासी और चौक सर्राफा व्यापारी किशोर सिंह के घर 12 सितंबर को 30 किलो चांदी और 75 हजार रुपये की चोरी हुई थी. 18 सितंबर को दर्ज रिपोर्ट के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज में बैग लेकर जाते दिखे संदिग्ध युवक की पहचान में जुटी थी. इसी बीच इलाके के ही रहने वाले असिस्टेंट कंप्यूटर इंजीनियर सुधांशु अग्रवाल ने खुद अदालत में आवेदन देकर अपनी वांटेड स्थिति पूछी. कोर्ट द्वारा आख्या मांगे जाने पर शक गहराने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिससे कंपनी बाग में जमीन के नीचे दबाकर रखी गई चोरी की चांदी बरामद हो गई.
बेटी की परीक्षा के दौरान हुई थी करोड़ों की चोरी
व्यापारी किशोर सिंह अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए परिवार के साथ बाहर गए हुए थे. उन्होंने घर की तिजोरी में 30 किलो चांदी और 75 हजार रुपये रखे थे. वापस लौटने पर जब उन्होंने देखा तो तिजोरी से नगदी और चांदी दोनों गायब थे. इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया.
सीसीटीवी फुटेज से उलझी थी पुलिस की जांच
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को इलाके के सीसीटीवी कैमरों में एक संदिग्ध युवक झोला लेकर जाता हुआ दिखाई दिया. हालांकि चेहरे की स्पष्टता न होने के कारण उसकी सही पहचान नहीं हो पा रही थी. पुलिस लगातार कई टीमों का गठन कर अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी.
खुद कोर्ट जाकर फंसा चालाक चोर
पुलिस जब सुराग तलाश रही थी, तभी सुधांशु अग्रवाल ने अदालत में अर्जी लगा दी कि क्या इस चोरी में वह वांटेड है. अदालत ने जब पुलिस से इस बारे में रिपोर्ट मांगी तो पुलिस का दिमाग ठनक गया. पुलिस ने तुरंत सुधांशु को उठाकर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसने सारा जुर्म कबूल कर लिया.
कंपनी बाग के पेड़ों के नीचे गाड़ी थी चांदी
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी सुधांशु अग्रवाल एक असिस्टेंट कंप्यूटर इंजीनियर है. उसकी निशानदेही पर मशहूर मॉर्निंग वॉक स्थल कंपनी बाग में पेड़ों के बीच जमीन में गाड़ी गई चांदी की सिल्लियां बरामद कर ली गईं. पुलिस ने अब तक 22 किलो चांदी बरामद कर ली है, जबकि बाकी माल और पैसों की बरामदगी की कोशिश जारी है.
रंजय सिंह