उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो किसी सड़क, चौराहे या थाने का नहीं, बल्कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय यानी DDU का है. वीडियो में एक दारोगा धरने पर बैठे छात्रों से सख्त लहजे में बात करते नजर आ रहे हैं. दारोगा छात्रों को चेतावनी देते हुए कहते हैं- 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.' बस, फिर क्या था. वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा और तेजी से वायरल होने लगा.
कहानी सिर्फ दारोगा की इस घुड़की तक नहीं है. इसके पीछे विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का धरना, उन्हें वहां से हटाने की कोशिश और फिर हुई नोकझोंक की पूरी कहानी है. दरअसल, DDU में कुछ छात्र भूख हड़ताल और धरना दे रहे थे. छात्र प्रशासनिक भवन परिसर में बैठे हुए थे. इसी दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की.
यहां देखें Video
विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय, पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद धरने पर बैठे छात्रों को प्रशासनिक भवन परिसर से हटाने की कोशिश की गई. यहीं से मामला गरमाने लगा. धरने पर बैठे छात्र प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हो गए. भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं और उनके समर्थन में बैठे दूसरे छात्रों का गुस्सा भी बढ़ गया. देखते ही देखते वहां बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई.
इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई. माहौल ऐसा बना कि एडिशनल प्रॉक्टर को वहां से निकलना पड़ा. वायरल वीडियो में वह तेजी से परिसर से बाहर की ओर जाते दिखाई देते हैं. पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी उन्हें छात्रों के बीच से निकालकर बाहर ले जाते नजर आते हैं. पुलिस और गार्ड ने किसी तरह उन्हें प्रशासनिक भवन परिसर से बाहर निकाला और फिर उनके कार्यालय तक पहुंचाया.
और फिर सामने आया दारोगा का वीडियो
इस पूरे हंगामे के बीच पुलिस भी मौके पर मौजूद थी. इसी दौरान एक दारोगा का वीडियो रिकॉर्ड हो गया. वीडियो में दारोगा छात्रों से सख्त लहजे में बात करते सुनाई देते हैं. वायरल वीडियो में कथित तौर पर वह कहते हैं- 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.' वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई.
यह पूरा घटनाक्रम 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच का है. एक तरफ छात्र प्रशासनिक भवन परिसर से हटाए जाने को लेकर नाराज थे. दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा था. इसी बीच पुलिस की मौजूदगी में माहौल तनावपूर्ण हो गया. अब उसी घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
इस पूरे मामले में चर्चा उस दारोगा के बयान की हो रही है, जो वायरल वीडियो में सुनाई दे रहा है. 'ये गोरखपुर पुलिस है...' यह लाइन और उसके बाद की चेतावनी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है. फिलहाल, DDU में छात्रों के धरने से शुरू हुआ मामला पहले नोकझोंक तक पहुंचा और फिर दारोगा की घुड़की वाला वीडियो वायरल होने के बाद अब यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया है.
25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने शुरू हुआ था धरना
दरअसल, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में यह प्रदर्शन छात्रों की समस्याओं और विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है. छात्र नेताओं का धरना 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने जारी था, जो 5 सितंबर से भूख हड़ताल में बदल गया. छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं. उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन जब तक उनकी समस्याओं और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
8 सितंबर को इसी भूख हड़ताल को खत्म कराने और छात्रों से बातचीत करने के लिए एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे थे. छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद कहासुनी हुई और मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों और प्रॉक्टर के बीच नोकझोंक शुरू हो गई. स्थिति तनावपूर्ण होने पर कुछ छात्र उन्हें घेरते हुए उनकी ओर बढ़े, जिसके बाद प्रॉक्टर पुलिस और विश्वविद्यालय के गार्ड की सुरक्षा में वहां से बाहर निकले.
गजेंद्र त्रिपाठी