गोरखपुर: BRD मेडिकल कालेज के ट्रॉमा वार्ड में इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच मारपीट, Video

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा वार्ड में इंजेक्शन को लेकर इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच गुरुवार को जमकर मारपीट हुई. नर्सिंग कर्मचारियों ने इंटर्न डॉक्टरों पर पिटाई का आरोप लगाया है. घटना CCTV में कैद हो गई है. मामले में दोनों पक्षों ने शिकायत दी है. प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है.

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घटना CCTV में कैद.(Photo: Screengrab) घटना CCTV में कैद.(Photo: Screengrab)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:05 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में आ गया है. इस बार मामला किसी तीमारदार के साथ दुर्व्यवहार का नहीं, बल्कि इंटर्न डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच हुई हिंसक मारपीट का है. घटना ट्रॉमा इमरजेंसी वार्ड की है, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर हाथापाई हुई. इस मारपीट में नर्सिंग स्टाफ के कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं. पूरी घटना वार्ड में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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घटना के समय वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार भी मौजूद थे. अचानक हुई मारपीट से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीज व तीमारदार सहम गए. इलाज का काम भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना ने अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

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इंजेक्शन के पैकेट को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, गुरुवार 26फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे सर्जरी विभाग का एक इंटर्न डॉक्टर ट्रॉमा इमरजेंसी वार्ड में इंजेक्शन लेने पहुंचा. आरोप है कि वह एक साथ पूरा पैकेट लेकर जाने लगा. ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने उसे रोका और कहा कि जितनी जरूरत हो, उतनी ही दवा ले जाई जाए, क्योंकि सभी दवाओं का रिकॉर्ड वार्ड में दर्ज किया जाता है. बिना एंट्री के दवा ले जाने से हिसाब गड़बड़ा सकता है और बाद में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है.

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इसी बात को लेकर इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच बहस शुरू हो गई. नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि बहस के बाद इंटर्न डॉक्टर ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया. कुछ ही देर में कई इंटर्न डॉक्टर वहां पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया. देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई.

नर्सिंग स्टाफ का आरोप, इंटर्न डॉक्टरों ने घेरकर की पिटाई

नर्सिंग स्टाफ के अनुसार, इंटर्न डॉक्टरों ने संतोष मसीह, शिवम मिश्रा और जय प्रकाश नामक कर्मचारियों को घेर लिया और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा. इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य कर्मचारियों के साथ भी धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई. मारपीट के दौरान वार्ड में मौजूद मरीज और तीमारदार डर के कारण सहमे रहे.

घायल कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं. उनका कहना है कि अस्पताल जैसे स्थान पर इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है. घटना के बाद जब नर्सिंग स्टाफ ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से शिकायत की, तो कर्मचारियों का आरोप है कि मामले को शांत कराने की कोशिश की गई. कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ही उल्टा फंसाने की बात कही गई.

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FIR की तैयारी, प्रशासन ने गठित की जांच कमेटी

घटना के बाद नर्सिंग स्टाफ ने पुलिस में FIR दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है. कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. उनका कहना है कि यदि समय रहते दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं.

इस मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिल्पा वहिकर ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच कहासुनी और मतभेद का मामला सामने आया है. दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जिसे तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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