कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचते ही गाजियाबाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है. मेरठ रोड तिराहे पर इंटीग्रेटेड कांवड़ कंट्रोल रूम की शुरुआत की गई है. शुक्रवार को डीएम रविन्द्र मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने संयुक्त रूप से कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इसका शुभारंभ किया. इस दौरान सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए.
दरअसल, यह कंट्रोल रूम पूरे कांवड़ मार्ग की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा. यहां लगाए गए अत्याधुनिक डिस्प्ले सिस्टम के जरिए शहर के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर स्थापित 2000 से अधिक CCTV कैमरों की लाइव निगरानी की जाएगी. किसी भी आपात स्थिति, यातायात बाधा या सुरक्षा संबंधी घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों और फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों को तुरंत अलर्ट किया जाएगा.
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प्रशासन का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी प्रणाली का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखना है. इसके जरिए भीड़ प्रबंधन और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
एक लाख से अधिक कांवड़िये गुजर चुके
जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ ने बताया कि गाजियाबाद एनसीआर का एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट जिला है. यहां से हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं. अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जिले से होकर अपने गंतव्य की ओर जा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में डाक कांवड़ समेत श्रद्धालुओं की संख्या में और तेजी आने की संभावना है. इसे देखते हुए सुरक्षा के अलावा पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है.
डीएम ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर यदि कहीं बिजली या अन्य आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा आती है तो उसे तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
10 अगस्त को होगी पुष्प वर्षा, दूधेश्वरनाथ मंदिर में विशेष तैयारी
प्रशासन ने 10 अगस्त को कांवड़ मार्ग के पांच चिन्हित स्थानों पर पुष्प वर्षा की भी तैयारी की है. वहीं, प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए विशेष बैरिकेडिंग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.
प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष जलाभिषेक के लिए 10 लाख से अधिक श्रद्धालु और कांवड़िये मंदिर पहुंच सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
3000 पुलिसकर्मी और ड्रोन से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा ड्रोन कैमरों के जरिए प्रमुख कांवड़ मार्गों, आसपास के इलाकों और इमारतों की छतों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के साथ सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है. इनकी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और भीड़ प्रबंधन में सहयोग देने की होगी.
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने कहा कि इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, CCTV नेटवर्क और ड्रोन सर्विलांस के समन्वय से पूरी कांवड़ यात्रा पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी. पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और निर्विघ्न तरीके से संपन्न हो सके.
मयंक गौड़