किसी की पुरानी रंजिश क्या है, किससे विवाद चल रहा है और परिवार में किसके बीच तनातनी है... पुलिस के मुताबिक, कथित गिरोह पहले ऐसी ही जानकारियां जुटाता था. इसके बाद शुरू होता था दबाव बनाने का खेल. आरोप है कि लोगों को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती और समझौते या मुकदमा वापस कराने के नाम पर पैसे मांगे जाते. मांग पूरी न होने पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता था. बिजनौर पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है. सर्विलांस टीम और थाना कोतवाली शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति शामिल हैं.
मामला उस समय पुलिस के सामने आया जब उमर कॉलोनी निवासी मोहम्मद अहसान ने 6 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली शहर में तहरीर दी. शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की ओर से उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी. आरोप यह भी था कि मुकदमा वापस लेने के लिए उनसे पैसों की मांग की गई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. इसके बाद स्वाट/सर्विलांस टीम और कोतवाली शहर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
जुल्फेकार को पुलिस ने बताया गिरोह का संचालक
पुलिस की अब तक की विवेचना में जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा को कथित गिरोह का संचालक बताया गया है. पुलिस के अनुसार, उसके साथ अफजाल, गुड्डी, कुन्ती, प्रीति और कुछ अन्य लोगों के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है. आरोप है कि गिरोह से जुड़े लोग ऐसे लोगों की जानकारी जुटाते थे, जिनका किसी से विवाद चल रहा हो या पुरानी रंजिश हो. इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती थी. पुलिस के मुताबिक, पहले विवाद की जानकारी हासिल की जाती और फिर उसी को आधार बनाकर संबंधित व्यक्ति को डराने-धमकाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, कथित गिरोह का एक तरीका यह था कि संबंधित व्यक्ति को उसके खिलाफ मुकदमा होने या किसी मामले में फंसने का डर दिखाया जाता था. इसके बाद मुकदमा वापस लेने या समझौता कराने के नाम पर धनराशि मांगने का आरोप है. अगर सामने वाला उनकी मांग मान लेता तो मामला समझौते की बात तक सीमित रहता. लेकिन पुलिस के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने पर दबाव और बढ़ाया जाता था. यहीं से इस कथित गिरोह की कार्यप्रणाली का दूसरा हिस्सा सामने आया.
मांग नहीं मानी तो गंभीर धाराओं में फंसाने का आरोप
पुलिस का दावा है कि जब संबंधित व्यक्ति आरोपियों की शर्तें मानने से इनकार करता था तो उसके खिलाफ गंभीर प्रकृति के मुकदमे दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता था. पुलिस के मुताबिक, इसके लिए गिरोह से जुड़ी महिलाओं और दूसरे सहयोगियों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. जांच में अलग-अलग थानों और जनपदों में मुकदमे दर्ज कराने के अलावा न्यायालयों में परिवाद प्रस्तुत किए जाने की जानकारी मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है. इन मामलों में बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं से जुड़े प्रकरण शामिल होने की बात कही गई है. हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन मामलों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता अलग-अलग मामलों की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी.
कई जिलों में मुकदमों और परिवाद की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच में बिजनौर के अलावा अलग-अलग जनपदों में आरोपियों और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ कई मुकदमे और न्यायालयी परिवाद दर्ज होने की जानकारी मिली है. पुलिस इन मामलों की भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनमें कोई आपसी संबंध है या नहीं. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या अलग-अलग लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों के पीछे एक ही तरीके से दबाव बनाने की कोशिश की गई थी. फिलहाल पुलिस ने इन सभी मामलों को एक ही साजिश का हिस्सा मानकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. जांच जारी है.
महिलाओं के जरिए शिकायत कराने का आरोप
पुलिस की विवेचना में एक और पहलू सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, गंभीर धाराओं वाले मुकदमे दर्ज कराने के लिए कथित गिरोह से जुड़ी महिलाओं और अन्य सहयोगियों की मदद ली जाती थी. आरोप है कि किसी व्यक्ति पर पहले दबाव बनाया जाता और बात नहीं बनने पर उसके खिलाफ गंभीर आरोपों से संबंधित मुकदमा या न्यायालयी परिवाद दर्ज कराने की कोशिश की जाती थी. पुलिस अब ऐसे मामलों की जानकारी जुटाकर उनकी परिस्थितियों और इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बीच किसी संबंध की जांच कर रही है. पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा पुत्र अय्यूब, निवासी चांदपुर की चुंगी, जन्नत कॉलोनी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर के रूप में हुई है. दूसरा आरोपी अफजाल पुत्र कफील है, जो भागूवाला, थाना मंडावली, बिजनौर का निवासी बताया गया है. तीसरी आरोपी गुड्डी पत्नी मूलचन्द्र है, जो लड़ापुरा, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर की रहने वाली है. चौथी आरोपी कुन्ती पत्नी ओमप्रकाश है, जो मोहल्ला कस्सावान बी-2, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर की निवासी है. पांचवीं आरोपी प्रीति पुत्री वीरेंद्र, पत्नी अंकित है, जो कोतवाली नगर, बिजनौर की निवासी बताई गई है.
पांच गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के साथ उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों, मुकदमों और न्यायालयी परिवादों की भी जांच की जा रही है. जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित गिरोह में कितने लोग शामिल थे और अलग-अलग मामलों में उनकी क्या भूमिका रही. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोगों की निजी जानकारी कौन जुटाता था, किस तरह संपर्क किया जाता था और पैसे की मांग के बाद मुकदमे दर्ज कराने की कथित प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती थी. बिजनौर पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है. जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है. अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस अब इस पूरे मामले में कथित गिरोह की कार्यप्रणाली, दूसरे मामलों से उसके संबंध और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
ऋतिक राजपूत