विश्व प्रसिद्ध कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद में चूड़ियों के अलावा कई तरह के कांच के सामान बनाए जाते हैं. यहां तैयार होने वाले उत्पाद 100 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं. इनमें यूरोप, अमेरिका, मिडल ईस्ट, जर्मनी, रूस, जापान और ईरान जैसे बड़े बाजार शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ओडीओपी योजना (One District One Product) के तहत फिरोजाबाद के कलात्मक कांच उद्योग को नई पहचान दी है. फिरोजाबाद की बारीक फनकारी की विरासत उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नई पहचान दी है.
जब कांच के उत्पाद को एक जनपद एक उत्पाद के तहत श्रेणी में शामिल किया गया तब इस उद्योग को विश्व में पहचान दिलाने साथ-साथ भविष्य में बेहतर रोजगार का भी जरिया बनाया है. खास तौर पर महिलाओं को अधिक रोजगार मिला है, जिले से बाहर काम की तलाश में जाने वाले मजदूरों का पलायन रुका है.
ODOP से फिरोजाबाद के कांच उत्पादन के व्यवसाइयों को कर्ज लेने में और मार्जिन मनी देकर व्यवसाय स्थापित करने में बहुत ज्यादा मदद की है. महिला तथा पुरुष हस्तशिल्पियों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर उत्पाद की गुणवत्ता में अत्यधिक सुधार किया है. यहां तक के फिरोजाबाद कांच का उद्योग कई वर्षों पहले जब मंदी से गुजर रहा था तो यहां के श्रमिक पलायन करने को मजबूर थे.
अब श्रमिक को बेहतर रोजगार तथा आमदनी का अच्छा जरिया मिल गया है. इसमें ओडीओपी का विशेष योगदान रहा है.
पिछले 12 सालों में फिरोजाबाद जिले में लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की धनराशि
◆ ODOP प्रशिक्षण योजना - 1778 लाभार्थियों को 46.21 लाख रुपए की धनराशि भुगतान हुई
◆ ओडीओपी की पोषण योजना - 626 लाभार्थी 3677.91 लाख रुपए की धनराशि भुगतान की गई
◆ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना - 5550 लाभार्थी की संख्या, 168.3 लाख रुपए की धनराशि भुगतान
◆ मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना - 624 लाभार्थी, 1609 लाख रुपए की धनराशि भुगतान की गई
◆ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना - 1996 लाभार्थी की संख्या, 998 लाख रुपए का भुगतान किया गया
◆ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना - 627 लाभार्थियों की संख्या, 1638.89 लाख रुपए की भुगतान
सुहागनगरी फिरोजाबाद की खासियत कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां हैं. यहां इनको बनाने की हस्तकला देश-विदेश में बेहद प्रसिद्ध है. यहां माउथ ब्लोइंग से बनने वाले उत्पाद होते हैं. 'एक जनपद एक उत्पाद' के तहत जब से फिरोजाबाद को लाया गया है तब से कांच उद्योगियों मजदूर महिला श्रमिकों में बेहद खुशी है.
इस बारे में कांच उत्पाद के प्रमुख निर्यातक राजीव दीक्षित ने बताया कि सबसे बड़ा जो फायदा मिला है वह यह है कि जो हमें सरकार से सब्सिडी मिली, उससे हमने एक और यूनिट स्थापित कर ली. लोन से हमने टेक्निकल अपग्रेडेशन किया. आगे भविष्य में भी हम कुछ नया करते रहेंगे, ताकि हमको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चीज मिलती हैं वह हम भारत में बना पाएं और भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो.
वहीं कांच के कारोबारी अमित गुप्ता ने कहा, 'फिरोजाबाद में जो कांच का काम होता है वह विश्व स्तर का काम है. इसमें जो ओडीओपी सुविधा मिली है, इसमें सब्सिडी सबसे ज्यादा मिलती है. किसी भी कारोबारी को लोन चाहिए तो 25 लाख-50 लाख का लोन मिल जाता है. इससे हमें व्यापारियों को फायदा हुआ है.'
हस्तशिल्पी कारीगर स्नेहलता ने कहा, 'हमें बहुत फायदा मिला है. काम करने में मन लगता है इधर-उधर जाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती, पहले नोएडा और दिल्ली जाना पड़ता था. अब यहीं बहुत अच्छा पैसा मिलता है. पहले से आमदनी भी अच्छी हुई है. पैसे अब पहले से बढ़कर भी मिल रहे हैं.'
सुधीर शर्मा