उत्तर प्रदेश के इटावा में दबंगों और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के बीच एक किसान को वर्षों बाद अपनी जमीन वापस मिली है. ग्राम पंचायत मसनाई निवासी रमेश कुमार का दावा है कि उनके परिवार की करीब 8 बीघा जमीन पर लगभग 40 साल से दबंगों का कब्जा था. उनका कहना है कि उनके पिता बेहद सीधे स्वभाव के थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें डराया-धमकाया और जमीन पर अपना अधिकार जमा लिया था.
रमेश के मुताबिक, कब्जे के दौरान दबंग ही इस जमीन पर खेती करते रहे. परिवार ने अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में कई बार अपनी भूमि वापस पाने के लिए शिकायतें कीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. किसान का कहना है कि परिवार लगातार अपनी जमीन हासिल करने की कोशिश करता रहा, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी.
अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में रमेश कुमार की करीब 6 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है. किसान ने इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता शरद तिवारी की मदद और जिला प्रशासन की सक्रियता को अहम बताया. जमीन वापस मिलने के बाद परिवार लंबे अरसे के बाद अपनी भूमि पर दोबारा अधिकार हासिल कर सका है.
प्रशासन की सक्रियता से मिली जमीन
रमेश कुमार का कहना है कि योगी सरकार में दबंगों और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है. इसी वजह से उनके परिवार की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सका. उनका कहना है कि जो जमीन उनके परिवार के लिए लंबे समय से सिर्फ एक शिकायत और उम्मीद का विषय बनी हुई थी, वह अब दोबारा उनके कब्जे में आ गई है.
किसान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उनके लिए योगी जी भगवान के समान हैं. रमेश के अनुसार, पिछली सरकारों में दबंगों का प्रभाव इतना अधिक था कि आम लोग अपनी जमीन को लेकर भी असहाय महसूस करते थे. उनका दावा है कि मौजूदा शासन में ऐसे लोगों पर कार्रवाई होने से उनका दबदबा कम हुआ है.
रमेश ने कहा कि जमीन वापस मिलने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है. अब वे अपनी भूमि पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया और कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई की जा रही है, उससे आम लोगों में अपनी संपत्ति को लेकर भरोसा बढ़ा है.
'पिछली सरकारों में दबंग हावी थे'
पीड़ित किसान ने कहा कि उनके परिवार ने करीब चार दशक तक अपनी जमीन पर कब्जे का दर्द झेला. पिता को डराने-धमकाने के कारण परिवार खुलकर विरोध नहीं कर सका और दबंग जमीन पर खेती करते रहे. कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं मिलने से परिवार की उम्मीद कमजोर पड़ गई थी.
रमेश के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता शरद तिवारी के सहयोग से मामला प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचा और अधिकारियों की कार्रवाई के बाद 6 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई गई. उनका कहना है कि इतने लंबे समय बाद अपनी जमीन पर दोबारा अधिकार मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत है.
रमेश कुमार ने कहा, "योगी जी हमारे लिए भगवान हैं." उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में दबंग और भू-माफिया कार्रवाई के डर से भूमिगत हो गए हैं. किसान ने उम्मीद जताई कि इसी तरह दूसरे पीड़ित परिवारों को भी उनकी संपत्ति पर कब्जे से राहत मिलेगी. उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जमीन वापस मिलने से अब उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी की परेशानी भी काफी कम हुई है.
अमित तिवारी