फांसी पर लटकाए मुस्कान-साहिल के पुतले! गोरखपुर के दुर्गा पंडाल में 'नीला ड्रम कांड' के कातिल

गोरखपुर के सिंघडिया स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल में मेरठ के चर्चित 'नीला ड्रम केस' के दोषी साहिल और मुस्कान के प्रतीकात्मक पुतलों को फांसी पर लटकाया गया है. कोर्ट द्वारा सुनाई गई मौत की सजा का समर्थन करते हुए समिति ने यह अनोखा कदम उठाया है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके.

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सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी को मिली है फांसी की सजा. (Photo: ITG) सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी को मिली है फांसी की सजा. (Photo: ITG)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर ,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सिंघडिया में दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने मेरठ के चर्चित 'नीला ड्रम कांड' के दोषी साहिल शुक्ला और उसकी प्रेमिका मुस्कान रस्तोगी के प्रतीकात्मक पुतलों को मुख्य सड़क के पास फांसी के फंदे पर लटकाया है. यह आयोजन मार्च 2025 में नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में अदालत द्वारा दोनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद किया गया है. समिति के लोगों ने कोर्ट के इस फैसले का सार्वजनिक रूप से समर्थन करते हुए इन पुतलों को फांसी पर लटकाया है ताकि समाज में अपराध के प्रति कड़ा संदेश और डर पैदा हो सके.

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क्या है पूरा मामला और सजा?

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मार्च 2025 के दौरान मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत (35 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज हत्याकांड को उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर अंजाम दिया था. आरोपियों ने बेरहमी से हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से चुन दिया था. इस बहुचर्चित मामले में कोर्ट ने हाल ही में दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जिसके बाद से आम जनता और विभिन्न संगठनों में इस फैसले को लेकर तीखी चर्चा और समर्थन देखा जा रहा है.

क्यों लटकाए गए पंडाल के बाहर पुतले?

गोरखपुर के सिंघडिया में हर साल मां दुर्गा की विद्युत चलित प्रतिमा बैठाने वाली समिति के सदस्यों ने अदालत के फैसले के समर्थन में यह अनोखा तरीका अपनाया है. माता की प्रतिमा के बगल में और बीच सड़क पर इन दोनों कातिलों के पुतले लटकाए गए हैं. वहां से आने-जाने वाले हर राहगीर की नजर इन पुतलों पर पड़ रही है. समिति के अध्यक्ष नितेश का कहना है कि जिस तेजी से इस मामले में फैसला आया है, उससे कानून के प्रति लोगों का विश्वास और गहरा हुआ है. उनका मकसद ऐसे खौफनाक कदम उठाने वालों के मन में खौफ पैदा करना है.

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राहगीरों का क्या है कहना?

दुर्गा पंडाल के बाहर लटकाए गए इन पुतलों को देखकर हर आने-जाने वाला व्यक्ति हैरान रह जा रहा है. स्थानीय लोगों और राहगीरों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन से समाज में एक सख्त संदेश जाएगा. लोगों का कहना है कि ऐसे कृत्य करने वालों का अंजाम यही होना चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी अपनों के साथ इस तरह की घिनौनी और दर्दनाक वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे और उसकी रूह कांप जाए. पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी के बीच यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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