यूपी की गोरखपुर पुलिस ने जिला अस्पताल से 28 जुलाई की रात लापता हुई 10 साल की बच्ची की हत्या के मामले में डायल 112 में तैनात रहे सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया है. 200 सीसीटीवी कैमरों की जांच और बाइक नंबर ट्रेस कर पुलिस ने गाजीपुर निवासी आरोपी को पकड़ा. उसकी निशानदेही पर चिउटहा पुल के पास नदी से बच्ची की लाश बरामद हुई. पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है.
घर छोड़ने का झांसा देकर बाइक पर बैठाया
मूल रूप से आजमगढ़ निवासी पीड़ित परिवार अस्पताल में भर्ती बड़ी बेटी के लिए खाना लेकर आया था. रात करीब 10 बजे छोटी बेटी दीपिका घर लौटने लगी, तभी वर्दीधारी सिपाही घर छोड़ने के बहाने उसे बहला-फुसलाकर अपाचे बाइक पर बैठाकर ले गया. परिजन लगातार खोजबीन करते रहे और फिर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई.
पहले भी आपराधिक मामले में जेल जा चुका है आरोपी
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के मुताबिक, आरोपी सिपाही अभिषेक यादव पहले भी 3 फरवरी 2025 को एक युवती से रेप के मामले में निलंबित होकर जेल जा चुका है. वह पिछले साल सितंबर में जमानत पर बाहर आकर डायल 112 में तैनात था. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी.
बर्खास्तगी और एनएसए की होगी कार्रवाई
प्रारंभिक पूछताछ में दुर्व्यवहार और बल प्रयोग की बात सामने आई है. एसएसपी ने बताया कि सिपाही को विभाग से बर्खास्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है और उस पर एनएसए के तहत कार्रवाई होगी. पुलिस इस तरह की दूषित मानसिकता वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठा रही है.
गजेंद्र त्रिपाठी