'अगर जनता का विश्वास नहीं है तो...', लोकायुक्त कार्यक्रम में बोले CM योगी, गिनाईं अपनी उपलब्धियां

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकायुक्त के 50वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने न्याय, सत्य और समानता पर जोर देते हुए कहा कि सुशासन तभी मुमकिन है जब हर व्यक्ति भी संस्थाओं पर गर्व महसूस करे.

Advertisement
CM योगी ने सुशासन के लिए जनविश्वास पर जोर दिया. (File Photo- ITGD) CM योगी ने सुशासन के लिए जनविश्वास पर जोर दिया. (File Photo- ITGD)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने किसी भी संवैधानिक संस्था में आम नागरिक के अटूट विश्वास को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया.

CM योगी के मुताबिक जो संस्था जनता के विश्वास पर खरी उतरती है, लोकतंत्र में उसकी अहमियत और सम्मान लगातार बढ़ता है. उनके मुताबिक सुशासन सीधे तौर पर जनता के भरोसे पर निर्भर करता है. 

Advertisement

उन्होंने कहा, 'जब तक समाज के आखिरी पायदान पर बैठा व्यक्ति हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर गर्व महसूस नहीं करेगा, तब तक सुशासन का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता.'

'अगर विश्वास खोया तो वहां सरकार गई'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिर्फ कोई संस्था बना देने से समस्याओं का समाधान नहीं होता. असली बात ये है कि हम जनता की भावनाओं के अनुरूप कैसा परिणाम दे रहे हैं. लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी यही है कि एक साधारण व्यक्ति भी बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात रख सके और उसे इंसाफ मिले. जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि ने अगर विश्वास खोया तो वहां सरकार गई.

संविधान, सच और समानता पर जोर

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय संविधान के मूल मूल्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि न्याय, सत्य और समानता हमारे देश की मौलिक जरूरतें हैं. भारत में हर नागरिक को इंसाफ पाने का समान अधिकार है. हमारे न्याय का आधार सच होना चाहिए और हमें बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को समान भाव से देखना चाहिए.

Advertisement

श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें 'समत्वं योग उच्यते' के भाव को अपनाना होगा. व्यक्ति चाहे किसी भी विचार या मत का हो, अगर उसने कोई शिकायत की है तो उसका निस्तारण सिर्फ मेरिट के आधार पर होना चाहिए.

तकनीक के इस्तेमाल से जीरों हुईं राशन की शिकायतें

प्रशासनिक सुधारों की मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में जब उनकी सरकार आई थी, तब 'जनता दर्शन' में आने वाले 100 में से 60 लोग राशन वितरण और PDS में गड़बड़ी की शिकायत लेकर आते थे. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया.

यह भी पढ़ें: यूपी 2027 में फिर बनाएगा डबल इंजन की सरकार: सीएम योगी आदित्यनाथ

सभी 80 हजार राशन कोटे की दुकानों पर ई-पॉश मशीनें लगाई गईं और उन्हें लखनऊ मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया. अब अगर कोई ई-पॉश मशीन में किसी तरह की हेरफेर करने की कोशिश करता है, तो तुरंत अलर्ट जारी हो जाता है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पारदर्शी व्यवस्था का ही नतीजा है कि आज प्रदेश के 16 करोड़ लोगों को बिना किसी भेदभाव के मुफ्त राशन मिल रहा है और राशन वितरण को लेकर आने वाली शिकायतें अब घटकर शून्य हो गई हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »