Uttar Pradesh News: बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के करौलिया गांव में एक साथ चार बच्चों को जन्म देने वाली 27 वर्षीय एकता सागर की इलाज के दौरान मौत हो गई. मंगलवार शाम शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित सुधीर नर्सिंग होम में ऑपरेशन के जरिए उनका प्रसव कराया गया था. चार नवजातों में से एक की जन्म से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीन बच्चे जीवित पैदा हुए थे.
एकता की चाची लक्ष्मी ने बताया कि एकता अपने पति रामबाबू के साथ अल्ट्रासाउंड कराने सुधीर नर्सिंग होम पहुंची थी. जांच में पता चला कि उनके गर्भ में चार बच्चे हैं लेकिन एक की मौत हो चुकी है. महिला की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने तत्काल भर्ती कर ऑपरेशन से प्रसव कराने की सलाह दी. बकौल चाची- हमने डॉक्टर की सलाह पर एकता को अस्पताल में भर्ती करा दिया और मंगलवार रात को ऑपरेशन से दो लड़की और एक लड़का हुआ. एक लड़का मृत पैदा हुआ, जिसके बारे में डॉक्टर ने हमें पहले ही बता दिया था. लेकिन बाद में एकता भी चल बसी.
सुधीर नर्सिंग होम में ऑपरेशन डॉ. लतिका फोगाट की देखरेख में किया गया था. डॉक्टर लतिका ने बताया कि प्रसव के बाद शुरुआत में एकता की हालत ठीक थी, लेकिन बाद में उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए थे. तीनों जीवित नवजातों को शुरुआत में विशेष देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उनकी हालत ठीक होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई और परिजन बच्चों को घर ले गए.
जानकारी के मुताबिक, एकता की शादी करौलिया गांव निवासी रामबाबू से हुई थी. परिवार पहले भी संतान को खोने का दुख झेल चुका था. इस बार एक साथ चार बच्चों के जन्म की खबर से परिवार में खुशी की उम्मीद जगी थी, लेकिन मां और एक नवजात की मौत ने इस खुशी को गहरे दुख में बदल दिया. एकता की मौत के बाद परिवार में मातम है. तीनों नवजातों के भविष्य और उनकी परवरिश की जिम्मेदारी अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है.
अंकुर चतुर्वेदी