मां से बोली- पति के ऑफिस जाते ही कॉल करूंगी, कुछ घंटे बाद उसी फोन से आई बेटी की मौत की खबर

बिजनौर के धामपुर में शादीशुदा महिला की मौत के मामले में कोर्ट ने पति संदीप कुमार को हत्या का दोषी मानकर उम्रकैद सुनाई है. सास प्रमोद देवी और ससुर बृजपाल सिंह को दो-दो साल जेल की सजा मिली. चित्रा ने मौत से कुछ घंटे पहले मां से बात की थी.

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चित्रा के पति को मिली उम्रकैद की सजा. (File Photo: ITG) चित्रा के पति को मिली उम्रकैद की सजा. (File Photo: ITG)

ऋतिक राजपूत

  • बिजनौर ,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

बिजनौर के धामपुर में शादीशुदा महिला की मौत के करीब दो साल पुराने मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने चित्रा के पति संदीप कुमार को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी है. वहीं, उसकी सास प्रमोद देवी और ससुर बृजपाल सिंह को दो-दो साल जेल की सजा सुनाई गई है. तीनों दोषियों पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि मौत से कुछ घंटे पहले ही चित्रा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी. उसने मां से कहा था कि संदीप के ऑफिस जाने के बाद वह दोबारा बात करेगी. लेकिन कुछ घंटे बाद बेटी की आवाज के बजाय उसी के मोबाइल से मायके वालों को उसकी मौत की जानकारी मिली.

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चित्रा के पिता महेंद्र पाल सिंह के मुताबिक, उनकी बेटी की शादी 25 नवंबर 2023 को धामपुर के कागपुर गांव निवासी संदीप कुमार के साथ हुई थी. परिवार का कहना था कि शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक सामान और दहेज दिया था. आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद ही संदीप कुमार और उसके माता-पिता ने दहेज की मांग शुरू कर दी. परिवार के मुताबिक, मांग पूरी नहीं होने पर चित्रा को परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. इसके बाद 13 अगस्त 2024 को वह दिन आया, जब चित्रा की मौत हो गई. मौत से कुछ घंटे पहले तक परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में उन्हें बेटी की मौत की खबर मिलने वाली है.

सुबह 8:28 बजे मां से फोन पर हुई थी बात

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13 अगस्त 2024 की सुबह करीब 8:28 बजे चित्रा ने अपनी मां सुमित्रा देवी से फोन पर बात की थी. बातचीत के दौरान चित्रा ने मां से कहा था कि संदीप के ऑफिस जाने के बाद वह उनसे दोबारा फोन पर बात करेगी. मां को उम्मीद थी कि कुछ देर बाद बेटी का फोन फिर आएगा. लेकिन चित्रा का फोन नहीं आया. इसके बजाय करीब 11:22 बजे उसके ही मोबाइल नंबर से मायके वालों के पास फोन पहुंचा. फोन करने वाले ने खुद को संदीप का मौसेरा भाई बताया. उसने परिवार को बताया कि चित्रा की मौत करंट लगने से हो गई है. साथ ही परिजनों से तुरंत ससुराल आने के लिए कहा गया.

मौत की खबर मिलते ही चित्रा के मायके वाले ससुराल पहुंचे. वहां उन्होंने चित्रा का शव देखा. परिवार के मुताबिक, चित्रा के सिर के पीछे गहरी चोट थी. उसके हाथ, पैर और गले पर भी चोट के निशान दिखाई दे रहे थे. शरीर पर खून लगा हुआ था. बेटी के शरीर पर चोटों के निशान देखकर परिवार को उसकी मौत की वजह पर शक हुआ. मायके वालों का कहना था कि ससुराल पक्ष की ओर से करंट लगने से मौत की बात बताई गई थी, लेकिन शरीर पर मौजूद चोटों के निशान इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे थे. इसके बाद चित्रा के मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी.

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चित्रा के पिता महेंद्र पाल सिंह ने आरोप लगाया था कि घटना के बाद ससुराल वालों ने पुलिस को सूचना देने में भी देरी की. उनका कहना था कि परिवार के लोग ससुराल वालों से पुलिस को जानकारी देने के लिए कहते रहे, लेकिन काफी देर तक पुलिस को नहीं बताया गया. आरोप के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे तक ससुराल वाले मामले को टालते रहे. बाद में पुलिस को सूचना दी गई. इसके बाद चित्रा के पिता की शिकायत पर धामपुर थाने में पति संदीप कुमार, ससुर बृजपाल सिंह और सास प्रमोद देवी के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. चित्रा के परिवार और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए. घटनास्थल की जांच की गई और मामले से जुड़े सबूत जुटाए गए. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने संदीप कुमार, बृजपाल सिंह और प्रमोद देवी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई.  करीब दो साल तक चले इस मामले में कोर्ट के सामने घटना से जुड़े तथ्यों और सबूतों पर सुनवाई हुई. अब कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सजा सुनाई है.

पति को उम्रकैद, सास-ससुर को दो-दो साल की सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने संदीप कुमार को चित्रा की हत्या का दोषी माना. कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी. वहीं, चित्रा के ससुर बृजपाल सिंह और सास प्रमोद देवी को दो-दो साल जेल की सजा सुनाई गई है. तीनों दोषियों पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इस मामले में एक तरफ कोर्ट का फैसला सामने आया है, तो दूसरी तरफ वह फोन कॉल भी याद आता है जिसने चित्रा के परिवार की जिंदगी बदल दी. सुबह बेटी ने मां से कहा था कि पति के ऑफिस जाने के बाद वह फिर बात करेगी. कुछ घंटे बाद उसी मोबाइल से मां को बेटी की मौत की खबर मिली थी.
 

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