योगी सरकार का बड़ा फैसला: बुजुर्गों से दुर्व्यवहार पड़ेगा भारी, संपत्ति से हाथ धोएंगे लापरवाह बच्चे! जानिए पूरा प्लान

उत्तर प्रदेश में अब बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी भारी पड़ेगी. योगी आदित्यनाथ सरकार ने नियमावली में संशोधन कर वरिष्ठ नागरिकों को अपनी संपत्ति से बच्चों को बेदखल करने का अधिकार दिया है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo: ITG) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014' में संशोधन का ऐतिहासिक फैसला लिया गया. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि नियमावली के नियम 22 के तहत नए प्रावधान नियम 22क, 22ख और 22ग जोड़े जाएंगे. यह निर्णय बुजुर्गों को दुर्व्यवहार से बचाने, उनके अधिकारों की सुरक्षा करने और सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से किया गया है. अब अगर संतान या आश्रित रिश्तेदार बुजुर्गों का भरण-पोषण नहीं करते, तो वे जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज कराकर स्पष्ट लीगल कार्रवाई द्वारा अपनी संपत्ति से उन्हें बेदखल कर सकेंगे.

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बुजुर्गों को मिला नया अधिकार

नए प्रावधानों के तहत यदि संतान या कोई भी आश्रित रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिक का सही ढंग से देखभाल नहीं करता है या उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करता है, तो पीड़ित वरिष्ठ नागरिक उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को बेहद स्पष्ट बनाया है ताकि परिवार के सदस्य अपने वृद्ध माता-पिता का सम्मान करने और उनकी देखभाल करने के लिए जिम्मेदार बनें.

30 दिनों में होगी त्वरित सुनवाई

सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध किया है. पीड़ित बुजुर्ग अपनी शिकायत सीधे जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष दर्ज करा सकेंगे. जिला मजिस्ट्रेट को इन शिकायतों पर 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करनी होगी. इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट को हर महीने ऐसे सभी मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की एक मासिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी होगी.

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हेल्पलाइन से मिलेगी आसान मदद

जो बुजुर्ग खुद चलकर कार्यालय जाने और शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में नहीं हैं, उनके लिए सरकार जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी. इस हेल्पलाइन के जरिए असमर्थ बुजुर्गों को शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में मदद पहुंचाई जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि संपत्ति से बेदखली के इस नए नियम से बुजुर्गों पर होने वाले अत्याचारों में कमी आएगी और उन्हें सुरक्षा मिलेगी.

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