उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में गुरुवार को भीषण गर्मी के बीच राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सतरिख में प्रार्थना के दौरान करीब डेढ़ दर्जन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई. तेज धूप, उमस और गर्मी के बीच कई छात्राओं को चक्कर आया और देखते ही देखते वे बेहोश होकर गिरने लगीं. घटना से स्कूल प्रशासन और शिक्षकों में हड़कंप मच गया.
छात्राओं की हालत बिगड़ते ही विद्यालय प्रशासन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी. इसके बाद सभी प्रभावित छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतरिख पहुंचाया गया. वहां चिकित्सकों ने छात्राओं की जांच कर उपचार शुरू किया. फिलहाल सभी छात्राओं का सीएचसी में इलाज जारी है और उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है.
घटना के दौरान स्कूल परिसर में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच भी चिंता का माहौल रहा. एक साथ कई छात्राओं की तबीयत खराब होने से विद्यालय में अफरातफरी की स्थिति बन गई. हालांकि समय रहते छात्राओं को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया.
गर्मी और उमस बनी तबीयत बिगड़ने की वजह
प्रारंभिक तौर पर छात्राओं की तबीयत खराब होने की वजह तेज गर्मी, धूप और उमस को माना जा रहा है. बताया गया कि प्रार्थना के दौरान छात्राएं गर्म मौसम के बीच खड़ी थीं. इसी दौरान कुछ छात्राओं को चक्कर आने लगे और उनकी हालत बिगड़ गई. इसके बाद एक-एक कर 18 छात्राएं बेहोशी की हालत में पहुंच गईं.
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एसडीएम गुंजिता अग्रवाल भी मौके पर पहुंचीं. अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली. स्कूल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी प्रभावित छात्राओं की स्थिति पर नजर बनाए रखी.
SDM बोलीं- गर्मी की वजह से बिगड़ी तबीयत
एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि गर्मी की वजह से छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी. उन्होंने कहा कि प्रभावित छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और सभी की स्थिति ठीक है. प्रशासन की ओर से छात्राओं के उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है.
एसडीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले कुछ खिलाकर और पर्याप्त पानी पिलाकर भेजें. गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है. चिकित्सकों ने भी धूप और उमस के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, सीधे तेज धूप में जाने से बचने और तबीयत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है.
स्कूलों में गर्मी को लेकर सावधानी जरूरी
बाराबंकी की इस घटना ने भीषण गर्मी के दौरान स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है. खासतौर पर प्रार्थना या खुले स्थान में लंबे समय तक खड़े रहने के दौरान छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर नजर रखना जरूरी है. फिलहाल सीएचसी सतरिख में भर्ती सभी छात्राओं का उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत में सुधार की बात सामने आई है.
सैयद रेहान मुस्तफ़ा