बीमार पत्नी, दृष्टिबाधित बेटी और कत्ल... 70 साल के पति ने रची थी साजिश, सन्न कर देगी बलिया की ये कहानी

बलिया के रसड़ा में 17 सितंबर को 65 साल की महिला और उसकी 22 साल की दृष्टिबाधित बेटी की हत्या कर दी गई थी. महिला के पति 70 साल के रामचीज गुप्ता ने पुलिस से कहा था कि अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या की है. लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी पलट गई. पुलिस के मुताबिक, रामचीज ने ही दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.

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बुजुर्ग ने ही पत्नी और बेटी को रास्ते से हटाने की रची साजिश. (Photo: ITG) बुजुर्ग ने ही पत्नी और बेटी को रास्ते से हटाने की रची साजिश. (Photo: ITG)

अनिल कुमार गुप्ता

  • बलिया,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

बलिया के रसड़ा क्षेत्र का मुस्तफाबाद गांव... 17 सितंबर को यहां एक घर से मां-बेटी की हत्या की खबर सामने आई. घर में रहने वाली 65 साल की मानती देवी और उनकी 22 साल की दिव्यांग बेटी गौरी की जान जा चुकी थी. घर के मुखिया 70 वर्षीय रामचीज गुप्ता ने पुलिस को खबर दी. बताया कि अज्ञात लोगों ने पत्नी और बेटी की हत्या कर दी. पहली नजर में मामला किसी बाहरी हमलावर का लग रहा था. लेकिन पुलिस ने जांच की तो कहानी बदलने लगी.

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मामले की जांच के लिए SWAT, सर्विलांस और रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम लगाई गई. पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और दूसरे सुरागों को जोड़ना शुरू किया. पूछताछ और जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के मुताबिक, शक की दिशा घर के मुखिया रामचीज गुप्ता की तरफ घूमने लगी. पुलिस का दावा है कि रामचीज ने ही अपनी पत्नी और बेटी की हत्या की साजिश रची थी.

'समाज में इज्जत खराब हो रही थी'

पुलिस के मुताबिक, मानती देवी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी हालत ऐसी थी कि कई बार वह बिना कपड़ों के गांव में निकल जाती थीं. दूसरी तरफ उनकी बेटी गौरी दृष्टिबाधित थी.

पुलिस के अनुसार, जब मां घर से बाहर चली जाती थीं तो गौरी को दूसरों से मांगकर खाना पड़ता था. पुलिस का दावा है कि परिवार की इस स्थिति को लेकर रामचीज सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर परेशान था. आरोप है कि इसी वजह से उसने पत्नी और बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रची. इसके बाद उसने कथित तौर पर गांव के ही चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को अपने साथ मिला लिया.

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16 सितंबर की शाम क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की शाम तीनों ने मिलकर मानती देवी और गौरी की हत्या कर दी. हमले के लिए कथित तौर पर धारदार औजार का इस्तेमाल किया गया. हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर घर में मौजूद खून के निशान साफ करने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, बेटी के शव को घर से निकालकर खेत में फेंक दिया गया. अगले दिन यानी 17 सितंबर को रामचीज ने पुलिस को पत्नी और बेटी की हत्या की सूचना दी और इसे अज्ञात लोगों की करतूत बताया. लेकिन पुलिस जांच में कथित साजिश सामने आने के बाद पूरा मामला पलट गया.

पुलिस ने रामचीज गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को सिधागरघाट के पास से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर कथित हत्या में इस्तेमाल किया गया औजार और खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं. अब पुलिस हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है.

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