यूपी के आजमगढ़ में हुए जिस हत्याकांड से पूरा प्रदेश दहल उठा, उसकी जड़ें 'कातिल' अरविंद सिंह की पत्नी बबीता से जुड़ी हैं. दरअसल, साल 2015 में बबीता की ओर से अपने पड़ोस (रिश्तेदार) के दो लोगों पर रेप/छेड़खानी/चोरी समेत कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे. जिसमें आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनाई गई. 2018 में जमानत पर बाहर आने पर आरोपियों ने अरविंद के बड़े भाई सुनील की हत्या कर दी. इसका केस अभी भी चल रहा है. लेकिन घटना के बाद से अरविंद चिड़चिड़ा और 'सनकी' स्वभाव का हो गया. उसका पत्नी से अक्सर विवाद होता था. पूजा-पाठ से भी चिढ़ हो गई.
सोमवार को टोका, मंगलवार को भूना
परिजनों का मानना था कि भाई की हत्या के बाद अरविंद के ऊपर किसी तरह का 'साया' है. इसीलिए घर में महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था. पत्नी बबीता सिंह तीन पुरोहितों के साथ पूजा करा रही थी. लेकिन अरविंद इसका विरोध कर रहा था. सोमवार को ही उसने अनुष्ठान को आगे बढ़ाने से मना किया था. लेकिन परिवार वालों ने इस बात को हल्के में लिया. ऐसे में मंगलवार को जब अरविंद ने फिर से पूजा-पाठ होते देखा तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वो पुरोहितों से भिड़ गया.
मौके पर मौजूद एक चश्मदीद पुरोहित ने बताया कि अरविंद के घर में पांच दिनों का अनुष्ठान चल रहा था, जिसका मकसद परिवार की 'बाधा' व 'समस्या' दूर करना था. अरविंद दिनभर शांत था लेकिन शाम को पूजा खत्म होने पर उसने अभद्र भाषा में पुजारियों से पहचान पत्र/आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. पहचान पत्र न होने पर उसने जान से मारने की धमकी दी और विरोध करने पर पिस्तौल निकाल ली.
पत्नी को गोली मारने के बाद पुजारियों को भूना
चश्मदीद के मुताबिक, जैसे ही अरविंद ने पिस्तौल तानी तो उसकी पत्नी बबीता बीच में आ गई, जिसे पहली गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ी. इसके बाद अरविंद ने भाग रहे पुरोहित महेंद्र पाठक को पीठ पर गोली मार दी. फिर उसने अखिलेश मिश्रा को निशाना बनाया. इस घटना में दोनों की मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि सोमवार को अरविंद के घर पर पूजा चल रही थी. गुस्से से लाल अरविंद ने पुजारियों को अगले दिन न आने की चेतावनी दी थी. ऐसे में मंगलवार को भी पूजा होते देख अरविंद बुरी तरह भड़क गया और गाली देते हुए पत्नी बबीता को अपने भाई सुनील की हत्या का जिम्मेदार बताया. साथ ही पूजा-पाठ के नाम पर ड्रामा करने का आरोप लगाया. जैसे ही विवाद बढ़ा उसने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं.
भाई की रिवॉल्वर से मचाया कत्लेआम
बता दें कि अरविंद ने जिस रिवॉल्वर से 4 हत्याएं कीं वो बड़े भाई सुनील सिंह की है. सुनील के जाने के बाद ये रिवॉल्वर अरविंद के नाम ट्रांसफर हो गई थी. वहीं, एक बंदूक का लाइसेंस सुनील की पत्नी के नाम भी हुआ था. मगर सुनील की पत्नी जब दिल्ली शिफ्ट हुई तो बंदूक थाने में जमा हो गई.
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