आसमान में दिखेंगे लंका विजय, अयोध्या आगमन के दृश्य… अयोध्या की रामलीला में होने जा रहा अद्भुत प्रयोग

अयोध्या में 19 अक्टूबर 2025 को होने वाला दीपोत्सव भव्य और दिव्य होने वाला है. 28 लाख दीपों के साथ यह महोत्सव आस्था, परंपरा और भारतीय संस्कृति का विराट उत्सव होगा. इस बार आकाश में 1100 ड्रोन के जरिए रामलीला का लाइव चित्रण होगा, जिसमें लंका विजय से लेकर अयोध्या आगमन तक के दृश्य नजर आएंगे. यह एक अविस्मरणीय अनुभव होगा.

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अयोध्या के आसमान में दिखेगी रामलीला. (Photo: ITG) अयोध्या के आसमान में दिखेगी रामलीला. (Photo: ITG)

मयंक शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 09 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 11:37 AM IST

भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है. 19 अक्टूबर 2025 को होने वाला नवम दीपोत्सव इस वर्ष पहले से कहीं अधिक भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक होने वाला है. यह केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और भारतीय संस्कृति का विराट उत्सव है.

योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस दीपोत्सव में कुल 28 लाख दीपों के साथ विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 लाख दीप अधिक हैं. इनमें से 26 लाख दीप सरयू तट और राम की पैड़ी पर जलाए जाएंगे, जबकि शेष दीप अयोध्या के मंदिरों, मार्गों और घरों को रोशन करेंगे.

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रामनगरी के संतों ने भी इस आयोजन को लेकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं. महंत सीताराम दास का कहना है कि सरयू तट पर दीप जलाने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है. यह आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है. वहीं महामंडलेश्वर विष्णुदास ने इसे राम के स्वागत और विजय की परंपरा बताया.

आयोजन का सबसे आकर्षक और अद्वितीय दृश्य होगा जब 2100 अर्चक एक साथ सरयू आरती करेंगे. हजारों दीपों की रोशनी और मंत्रों की गूंज के बीच होने वाली यह आरती भक्तों के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगी. अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले जगमग होगी अयोध्या, राम की पैड़ी पर बन रहे 6 विशालकाय दीपक, जानें इस बार दीपोत्सव में क्या है खास?

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इस बार दीपोत्सव में तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. 1100 ड्रोन के जरिए आकाश में रामलीला का लाइव चित्रण होगा, जिसमें भगवान राम की लंका विजय से लेकर अयोध्या आगमन तक की झलकियां दिखाई जाएंगी. यह दृश्य न केवल स्थानीय भक्तों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों के लिए भी नया और अद्भुत अनुभव होगा.

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अयोध्या में तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए.

योगी सरकार का उद्देश्य है कि अयोध्या विश्व स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित हो. दीपोत्सव 2025 न केवल इतिहास रचेगा, बल्कि रामभक्तों के दिलों में एक दीप की तरह स्थायी जगह भी बनाएगा. इस दीपोत्सव में हर दीप में राम हैं, हर लौ में विश्वास है. अयोध्या एक बार फिर केवल शहर नहीं, बल्कि संस्कृति और श्रद्धा का प्रकाशपुंज बनने जा रही है. देशभर से आए श्रद्धालु और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक इस अविस्मरणीय अनुभव का हिस्सा बनेंगे.

आकाश में उड़ते हुए हजारों ड्रोन और उनके माध्यम से दिखाए गए रामलीला के दृश्य, सरयू तट पर जलते लाखों दीप, मंदिरों और घरों की रोशनी... सब मिलकर अयोध्या को दिव्यता, भव्यता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक बनाएंगे. यह दीपोत्सव श्रद्धालुओं के लिए ऐसा अनुभव होगा, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे. 19 अक्टूबर 2025 को अयोध्या के आकाश में लंका विजय की झलक और राम आगमन के अद्भुत दृश्य पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति और धर्म की महिमा का एहसास कराएंगे.

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