उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम दोबारा 'संत रविदास नगर' करने का ऐलान किया है. वाराणसी में बीजेपी के 'समरसता संकल्प अभियान' की शुरुआत करते हुए सीएम योगी ने ये घोषणा की. इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.
सीएम योगी के इस फैसले पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया. अखिलेश ने कहा, 'उन्होंने भदोई का नाम बदल दिया, अच्छी बात है. वो कहावत भी आपको याद होगी- 'मन चंगा तो कठौती में गंगा. गंगा बगल में ही है ये तो.'
उन्होंने आगे कहा, 'मन चंगा तो कठौती में गंगा, ये संत जिनके नाम पर भदोही का नाम रखा गया है उन्हीं का है. हमें उम्मीद है कि जो संत रविदास के नाम पर जिले का नाम रखा है, कम से कम उनको पढ़ेंगे और उनके विचारों को अपनाएंगे.'
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ये एकरंगी लोग कभी भी संतों के विचारों पर नहीं चल सकते. अगर शायद मुख्यमंत्री ने उनके विचार पढ़े होते, तो ऐसा न होता. उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार की कुर्सियां खाली रहने लगीं, तो उन्हें लोगों को जोड़ने के लिए नाम बदलने की याद आई.
पुलिस लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'कन्नौज में भी नाम बदला है लेकिन बाबा साहेब भीमराव के रास्ते पर नहीं चलेंगे. बताओ ये अनडेमोक्रेटिक काम था कि नहीं था. लाठी चलाना, गोली चलाना, आंसू के गैस के गोले चला देना, लड़कियों के कपड़े फाड़ देना.'
सपा प्रमुख ने दावा किया कि जो लोग नकारात्मक राजनीति करते थे, वो किसी के सोशल मीडिया पर एक शब्द लिखने पर भी पुलिस का डंडा या मुकदमा भेज देते थे. लेकिन अब बेटियों के नारों और प्रदर्शनों ने उन लोगों को नकारात्मक राजनीति करना भुला दिया है.
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भदोही का नाम बदलने का इतिहास
बता दें कि भदोई पहले वाराणसी जिले का ही हिस्सा था. इसे बाद में संत रविदास के नाम पर अलग जिला बनाया गया था. दिसंबर 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश पर इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया था. अब 2026 में बीजेपी सरकार इसे वापस पुराना नाम देने जा रही है.
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