मेरठ: गुदड़ी बाजार ट्रिपल मर्डर केस में 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, 16 साल बाद आया फैसला

मेरठ में साल 2008 में गुदड़ी बाजार में तीन युवकों की हत्या के मामले में कोर्ट ने 16 साल बाद 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. एक लड़की के प्रेम प्रसंग में इन तीन युवकों की हत्या की गई थी. कोर्ट ने सभी दोषियों पर सवा लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • मेरठ,
  • 05 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:44 PM IST

यूपी के मेरठ में 16 साल पहले हुए ट्रिपल मर्डर के मामले में कोर्ट ने 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. गुदड़ी बाजार में ढेढ़ दशक पहले हुए तिहरे हत्याकांड में 16 साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा का ऐलान किया है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अपर जिला न्यायाधीश (विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण-2) पवन कुमार शुक्ला ने दोषियों पर कुल करीब 1.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. इस कार्यवाही के दौरान अदालत में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई थी.

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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) मुकेश मित्तल के मुताबिक दो अगस्त को कोर्ट ने इजलाल कुरेशी, अफजाल, महराज, कल्लू उर्फ ​​कलुआ, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ ​​देवेन्द्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन और शीबा सिरोही को दोषी पाया. 

मामले के दो अन्य आरोपियों - इसरार और माजिद  की मौत हो चुकी है. एक अन्य आरोपी शम्मी जेल में है और उसका मुकदमा चल रहा है जबकि परवेज की अपील इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबित है.

दरअसल यह मामला 23 मई 2008 का है, जब बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बलैनी में हिंडन नदी के पास तीन युवकों के शव मिले थे. उनकी पहचान जागृति विहार के सुनील ढाका (27), परीक्षितगढ़ रोड के पुनीत गिरी (22) और गांव सिरसली, बागपत के सुधीर उज्ज्वल (23) के रूप में हुई थी. यह हत्या एक लड़की और प्रेम प्रसंग को लेकर की गई थी.

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पुलिस जांच में पता चला कि 22 मई की रात गुदड़ी बाजार इलाके में तीनों की हत्या इजलाल ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की थी. पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, जिसमें शीबा (लड़की) भी शामिल थी, जिस पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप था.

इस सनसनीखेज मामले ने उत्तर प्रदेश में काफी सुर्खियां बटोरी थीं. हत्याओं के विरोध में, हजारों कॉलेज छात्रों ने एक गैर-राजनीतिक संगठन बनाया था और 25 मई, 2008 को मेरठ बंद का आह्वान किया था. पूरे जिले में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती करनी पड़ी थी.


 

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