UP में 26 डॉक्टरों की नौकरी गई... 9 पर विभागीय कार्रवाई भी, जानें क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला

यूपी में ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और चिकित्सीय जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्रभी ब्रजेश पाठक के निर्देश पर समीक्षा के बाद हुई. वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के आरोप में 9 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

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यूपी में 26 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है. (Photo: Representational) यूपी में 26 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

UP Doctors Sacked: यूपी में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने और चिकित्सीय जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैनात 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के आरोप में 9 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित रहने और अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं करने के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की थी. समीक्षा के बाद 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया गया.

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सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी से गायब रहने पर सख्ती

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में विशेषज्ञ चिकित्सक और मेडिकल ऑफिसर दोनों शामिल हैं. ये डॉक्टर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात थे. विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी सीधे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी होती है. लंबे समय तक डॉक्टर के अनुपस्थित रहने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं या अपनी चिकित्सीय जिम्मेदारियों की अनदेखी करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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9 डॉक्टरों के खिलाफ भी शुरू होगी विभागीय कार्रवाई

26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने 9 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं. इन डॉक्टरों पर वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप हैं. उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के माध्यम से इन डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश जारी किए गए हैं. विभाग की ओर से कहा गया है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. यानी फिलहाल इन 9 डॉक्टरों के मामलों में विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जांच के आधार पर अगला फैसला लिया जाएगा.

कई जिलों में तैनात थे बर्खास्त डॉक्टर

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन 26 डॉक्टरों पर कार्रवाई हुई है, वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैनात थे. इनमें फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मिर्जापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुल्तानपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिले शामिल हैं. इनमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मेडिकल ऑफिसर भी शामिल हैं. यानी कार्रवाई किसी एक तरह के चिकित्सकीय पद तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग जिम्मेदारियों पर तैनात डॉक्टरों के मामलों की समीक्षा की गई. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही OPD और IPD सेवाओं पर भी नजर रखने को कहा गया है. 

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मरीजों को समय पर मिले बेहतर इलाज

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की सबसे पहली जिम्मेदारी मरीजों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है. ऐसे में ड्यूटी से गायब रहना या चिकित्सीय जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करना गंभीर विषय है. सरकार का जोर इस बात पर है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध मिलें और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हासिल हों. स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों की अनदेखी या किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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