थाईलैंड से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. महज 14 साल के एक स्कूली बच्चे ने पहले अपने घर में दादा-दादी की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद वह उसी बंदूक के साथ स्कूल पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में 5 स्कूल टीचर और स्कूल स्टाफ की मौत हो गई. आखिर में उसने खुद को भी गोली मार ली.
यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बैंकॉक के उत्तर-पश्चिम में स्थित नॉनथाबुरी प्रांत के डेबसिरिन नॉनथाबुरी स्कूल में हुई. स्कूल में अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी तो छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई. कई बच्चे जान बचाने के लिए क्लासरूम में छिप गए, जबकि टीचर उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश करते रहे.
घर से शुरू हुआ खूनी घटनाक्रम
जांच में सामने आया कि स्कूल पहुंचने से पहले छात्र अपने घर गया था. वहां उसने अपने दादा और दादी को गोली मार दी. जब स्कूल में फायरिंग की सूचना मिलने के बाद पुलिस उसके घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया. वहां दोनों बुजुर्ग मृत मिले. शुरुआती जांच में उनकी मौत गोली लगने से होने की पुष्टि हुई.
इसके बाद छात्र स्कूल पहुंचा और टीचर्स व स्टाफ को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में पांच स्कूल स्टाफ, जिनमें शिक्षक और एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर शामिल थे, उनकी मौत हो गई.
हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए. पास के बंगयाई अस्पताल के मुताबिक, कुल 23 लोगों को अस्पताल लाया गया, जिनमें 10 की हालत गंभीर बताई गई। अधिकांश लोगों को गोली लगी थी. मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बच्चे दूसरी इमारत से गोलियों की आवाज सुनकर क्लासरूम में छिप गए. कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला.
आखिर में खुद को भी मार ली गोली
घटना के बाद छात्र ने खुद को भी गोली मार ली. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उसकी मौत की पुष्टि की. थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने स्कूल का दौरा करने के बाद बताया कि हमलावर 14 साल का छात्र था. वह अपने दादा-दादी के साथ रहता था.
आखिर ऐसा क्यों किया?
अभी तक पुलिस को कोई सुसाइड नोट या स्पष्ट मकसद नहीं मिला है. हालांकि शुरुआती जांच में कुछ अहम बातें सामने आई हैं. प्रधानमंत्री के मुताबिक, छात्र में स्कूल से जुड़े तनाव के संकेत दिखाई दिए थे. माना जा रहा है कि वह मानसिक दबाव में था. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि उसी तनाव की वजह से उसने इतना खौफनाक कदम उठाया या इसके पीछे कोई और कारण भी था.
परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि लड़का आमतौर पर चुपचाप रहता था और पढ़ाई में अच्छा था. उन्हें घर या स्कूल में किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी. इसलिए पुलिस अब उसके व्यवहार, स्कूल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि घटना की असली वजह पता चल सके.
दादा की लाइसेंसी बंदूक से की वारदात
पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई छोटी हैंडगन छात्र के दादा के नाम पर कानूनी रूप से रजिस्टर्ड थी. माना जा रहा है कि उसने उसी हथियार का इस्तेमाल घर और स्कूल, दोनों जगह किया.
थाईलैंड में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
थाईलैंड एशिया के उन देशों में शामिल है जहां आम लोगों के पास हथियारों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है. आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान के बाद एशिया में सबसे ज्यादा नागरिक हथियार रखने वाले देशों में थाईलैंड का नाम आता है.
इसी साल फरवरी में भी एक 17 साल के एक लड़के ने पुलिस की बंदूक चुराकर दक्षिणी थाईलैंड के एक स्कूल में फायरिंग की थी। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे.
वहीं 2023 में भी 14 साल के एक टीनएजर पर बैंकॉक के एक बड़े शॉपिंग मॉल में गोलीबारी करने का आरोप लगा था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने थाईलैंड में टीनएजर्स की मानसिक स्थिति, हथियारों तक आसान पहुंच और स्कूलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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