मर्डर कर जेल गया, अंदर 3 कैदियों को मार डाला... बोला- बलात्कारियों को कहीं नहीं छोड़ूंगा

ब्रिटेन की जेल में एक ऐसा कैदी बंद है, जिसने जेल के अंदर भी हत्याएं कीं हैं. वह पिछले 52 साल से जेल में हैं. उसने ऐलान किया है कि वह बाहर आया तो फिर हत्या करेगा. आज उसे जेल में रहते हुए एक महिला से प्यार हो गया है. वह सिर्फ एक बार उससे मिलना चाहता है. इस कैदी की कहानी अपराध की दुनिया के साथ-साथ इंसानी रिश्तों के एक बेहद जटिल पहलू को भी सामने लाती है.

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ब्रिटेन की जेल में सबसे लंबे समय तक रहने वाले कैदी की अजीब कहानी (Representational Photo - Pexels) ब्रिटेन की जेल में सबसे लंबे समय तक रहने वाले कैदी की अजीब कहानी (Representational Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:09 PM IST

ब्रिटेन का सबसे लंबे समय से जेल में बंद कैदी रॉबर्ट मौड्सली एक बार फिर चर्चा में है. करीब 52 साल से सलाखों के पीछे रह रहे मौड्सली ने जेल में रहते हुए तीन और लोगों की हत्या कर दी थी. अब उसकी जिंदगी में 71 साल की एक महिला की एंट्री हुई है, जिसे वह अपना प्यार बताता है. लेकिन इस रिश्ते के बीच जेल की दीवारें हैं. दोनों एक-दूसरे से सिर्फ चिट्ठियों और फोन कॉल के जरिए बात कर पाते हैं.

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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मौड्सली खुद मानता है कि अगर उसे जेल से बाहर जाने दिया गया और उसका सामना किसी ऐसे शख्स से हुआ, जिसने किसी का यौन शोषण किया हो, तो वह दोबारा हत्या कर सकता है. यही वजह है कि वह खुद भी मानता है कि उसके लिए उम्रकैद में जेल में रहना ही बेहतर है. मौड्सली ने सिर्फ बलात्कारियों और यौन अपराधियों की हत्या ही की है. 

52 साल से जेल में बंद है मौड्सली
रॉबर्ट मौड्सली मार्च 1974 से लगातार जेल में है. उस समय उसकी उम्र सिर्फ 20 साल थी. उसका पहला मामला लंदन में जॉन फैरेल की हत्या का था. मौड्सली का दावा था कि फैरेल ने उसे ऐसे बच्चों की तस्वीरें दिखाई थीं, जिनका उसने यौन शोषण किया था.

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इस मामले में मौड्सली को हत्या के बजाय कम जिम्मेदारी यानी 'डिमिनिश्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी' के आधार पर मैनस्लॉटर का दोषी माना गया. इसके बाद उसे ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी मानसिक स्वास्थ्य संस्था ब्रॉडमूर भेजा गया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.

जेल के अंदर की तीन और हत्याएं
ब्रॉडमूर में रहते हुए मौड्सली ने एक अन्य कैदी के साथ मिलकर फ्रांसिस नाम के एक शख्स की हत्या कर दी. फ्रांसिस पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप था. इसके बाद मौड्सली को वेकफील्ड जेल भेज दिया गया. वहां 1978 में उसने सैल्नी डारवुड की गला घोंटकर हत्या कर दी. रिपोर्टों के मुताबिक, उसने शव को एक बेड के नीचे छिपा दिया था.

उसी दिन उसने विलियम रॉबर्ट्स पर भी हमला किया. इस हमले में चाकू और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया और रॉबर्ट्स की मौत हो गई. रिपोर्टों के मुताबिक, उसके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं.

इस तरह जेल के अंदर मौड्सली के हाथों तीन और लोगों की जान गई. उसके इन सभी पीड़ितों के बारे में रिपोर्टों में बताया गया है कि वे यौन अपराधों से जुड़े मामलों में दोषी थे. डारवुड पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था, जबकि रॉबर्ट्स पर एक लड़की का गला घोंटने और उसके साथ रेप की कोशिश का आरोप बताया गया.

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अब 71 साल की महिला से हुआ प्यार
इतने खौफनाक आपराधिक अतीत के बावजूद मौड्सली की जिंदगी में अब एक अलग तरह का रिश्ता है. वह 71 साल की लंदन निवासी लविनिया मैककेनी के साथ रिश्ते में है. दोनों की मुलाकात आम तरीके से नहीं हुई. जेल प्रशासन ने दोनों को आमने-सामने मिलने की इजाजत नहीं दी है. इसलिए वे चिट्ठियों और फोन कॉल के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं.

मौड्सली के मुताबिक, लविनिया ने उसे उस तरह का प्यार दिया, जिसे उसने अपने बचपन में महसूस नहीं किया था. उसने कहा कि उसके माता-पिता से उसे प्यार नहीं मिला. लविनिया के साथ रिश्ते ने उसे उम्मीद दी है और दोनों एक-दूसरे को ताकत देते हैं.

मौड्सली का कहना है कि अगर उसे जेल से बाहर निकलने का मौका मिले तो वह अपनी प्रेमिका के साथ किसी 'द्वीप' पर रहना चाहेगा. हालांकि, वह यह भी मानता है कि शायद उसका जेल में रहना ही बेहतर है.

'बाहर निकला तो फिर किसी को मार सकता हूं'
मौड्सली ने बेहद साफ शब्दों में कहा है कि अगर वह बाहर गया और उसका सामना किसी ऐसे व्यक्ति से हुआ, जिसने किसी का यौन शोषण किया हो, तो वह उसे मारने की कोशिश करेगा.

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यही वजह है कि वह अपनी पूरी जिंदगी जेल में बिताने की सजा को उचित मानता है. उसके मुताबिक, बाहर की दुनिया में लौटना उसके लिए और दूसरों के लिए खतरा पैदा कर सकता है.

मौड्सली का कहना है कि लविनिया से मिलने की अनुमति न मिलना उसके लिए जेल की जिंदगी को और मुश्किल बना देता है. हालांकि, यह जानना कि वह महिला अब भी उसके साथ है. उसे मानसिक तौर पर सहारा देता है.

बचपन में नहीं मिला प्यार, अब जेल में मिला सहारा
मौड्सली की कहानी का यह पहलू इसलिए भी चर्चा में है. क्योंकि एक तरफ उसका बेहद हिंसक अतीत है. दूसरी तरफ वह अब एक ऐसे रिश्ते की बात करता है, जिसे वह अपने जीवन का सबसे खास प्यार बताता है.

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लेकिन इस रिश्ते के बावजूद मौड्सली की सोच में एक बात साफ है. वह खुद मानता है कि अगर उसे रिहा किया गया तो वह दोबारा हिंसा कर सकता है.

करीब 52 साल जेल में रहने के बाद भी उसकी जिंदगी सलाखों के पीछे ही है. बाहर निकलने की इच्छा और दोबारा अपराध करने के डर के बीच मौड्सली खुद भी मानता है कि उसके लिए उम्रकैद में रहना ही शायद सबसे सुरक्षित रास्ता है.

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