अच्छी सैलरी वाली नौकरी, हर महीने खाते में आने वाली तय रकम और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा... ज्यादातर लोग ऐसी नौकरी पाने के लिए मेहनत करते हैं. लेकिन मुंबई के एक शख्स ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया.
वजह थी सोशल मीडिया से होने वाली कमाई, जो धीरे-धीरे उनकी सैलरी से कई गुना ज्यादा हो गई. एक ब्रांड से मिले 1 लाख रुपये ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि कंटेंट क्रिएशन को भी फुल टाइम करियर बनाया जा सकता है. अब उनका दावा है कि वह हर महीने 2.5 लाख रुपये तक कमा लेते हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंटेंट क्रिएटर का नाम शुभ सारंग है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर अपनी पहचान बनाई. लेकिन नौकरी छोड़ने तक का उनका सफर आसान नहीं था. एक तरफ ऑफिस का काम था, तो दूसरी तरफ वीडियो बनाने और एडिट करने की जिम्मेदारी. कई बार उन्हें रात के 4 बजे तक काम करना पड़ता था. आखिर उन्होंने अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों किया और सोशल मीडिया से उनकी कमाई कैसे बढ़ी? आइए जानते हैं.
1 लाख रुपये की ब्रांड डील ने बदल दिया नजरिया
शुभ सारंग काफी समय से कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बारे में सोच रहे थे. लेकिन हर महीने मिलने वाली तय सैलरी छोड़ना आसान नहीं था. उनके सामने भी ईएमआई चुकाने और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने जैसी जिम्मेदारियां थीं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या सोशल मीडिया से होने वाली कमाई इन जरूरतों को पूरा कर पाएगी?
फिर उन्हें एक ब्रांड के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे उन्हें 1 लाख रुपये मिले. इस डील ने उनका नजरिया बदल दिया. उन्हें समझ आया कि सोशल मीडिया पर बनाए गए कंटेंट से भी अच्छी कमाई की जा सकती है.
इसके बाद उनके वीडियो लोगों को पसंद आने लगे और फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी. शुभ के मुताबिक, जब उनके करीब 10 हजार फॉलोअर्स थे, तब उनके कंटेंट को अचानक अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा. एक-दो महीने के भीतर यह संख्या बढ़कर 1 लाख हो गई. इसके बाद एक और वीडियो ने उन्हें 2 लाख फॉलोअर्स तक पहुंचने में मदद की.
एक वीडियो के लिए मिलने लगे डेढ़ लाख रुपये तक
फॉलोअर्स बढ़ने के साथ ही शुभ को ब्रांड्स से ऑफर मिलने लगे. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें एक वीडियो के लिए 1.3 लाख से 1.5 लाख रुपये तक मिलने लगे थे.
धीरे-धीरे कंटेंट क्रिएशन से उनकी मासिक कमाई 2.2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई. शुभ के मुताबिक, जब सोशल मीडिया से उनकी कमाई कॉर्पोरेट सैलरी से तीन से चार गुना ज्यादा हो गई, तब उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया.
यानी उनके लिए यह फैसला सिर्फ सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने का नतीजा नहीं था. इसके पीछे कमाई का लगातार बढ़ना भी एक बड़ी वजह थी. शुभ के लिए नौकरी और कंटेंट क्रिएशन को एक साथ संभालना काफी मुश्किल हो गया था.
वह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करते थे. घर लौटने के बाद कुछ देर आराम करते और फिर वीडियो शूट करने निकल जाते थे. शूटिंग के बाद वीडियो एडिट करने का काम शुरू होता, जो कई बार रात के 4 बजे तक चलता था. इसके बाद सुबह करीब 8 बजे उठकर उन्हें फिर ऑफिस पहुंचना होता था.
लगातार कम नींद लेने की वजह से वह थकने लगे थे. शुभ ने बताया कि कई बार ऑफिस में काम करते हुए उन्हें नींद आने लगती थी और वह सो भी जाते थे. एक तरफ नौकरी की जिम्मेदारियां थीं, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लगातार बेहतर कंटेंट बनाने का दबाव. आखिरकार, जब कंटेंट क्रिएशन से होने वाली कमाई उनकी नौकरी की सैलरी से काफी आगे निकल गई, तो उन्होंने कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी.
अब नहीं है बॉस और ऑफिस टारगेट का दबाव
नौकरी छोड़ने के बाद अब शुभ अपना पूरा समय कंटेंट बनाने में लगा सकते हैं. उन्हें ऑफिस के टारगेट, बॉस के दबाव और कॉर्पोरेट कामकाज से जुड़ी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता.
उनके एक वीडियो को 9.9 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात भी सामने आई है. वहीं, इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.33 लाख से अधिक बताई गई है.
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हालांकि, शुभ का कहना है कि उनकी कहानी को देखकर हर किसी को नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं कर लेना चाहिए. उन्होंने खुद भी नौकरी छोड़ने से पहले ईएमआई और दूसरे खर्चों को लेकर काफी चिंता की थी. नियमित सैलरी बंद होने का डर उन्हें भी परेशान करता था. उन्होंने तभी नौकरी छोड़ने का फैसला किया, जब सोशल मीडिया से होने वाली कमाई लगातार उनकी कॉर्पोरेट सैलरी से ज्यादा रहने लगी.
शुभ सारंग की कहानी बताती है कि कंटेंट क्रिएशन कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है, लेकिन सिर्फ कुछ वायरल वीडियो देखकर नौकरी छोड़ना समझदारी नहीं है. नियमित कमाई, बचत और आर्थिक जिम्मेदारियों का हिसाब लगाने के बाद ही ऐसा बड़ा फैसला लेना बेहतर है.
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