दुनिया की सबसे खतरनाक नौकरी, आखिर बुर्ज खलीफा की खिड़कियां साफ कैसे होती हैं?

दुनिया की सबसे ऊंचे इमारत बुर्ज खलीफा को चमकता हुआ रखने के पीछे किन लोगों की मेहनत है. तेज हवा और ऊंचाई के खतरे के बीच आखिर कैसे होती है दुनिया की सबसे ऊंची इमारत की सफाई और कौन हैं इसे अंजाम देने वाले लोग?

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इमारत में तीन हॉरिजॉन्टल ट्रैक्स बनाए गए हैं (Photo: Pexel) इमारत में तीन हॉरिजॉन्टल ट्रैक्स बनाए गए हैं (Photo: Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

जरा सोचिए... आप जमीन से 828 मीटर ऊपर हैं. नीचे दुबई की सड़कें खिलौने जैसी दिखाई दे रही हैं. पैरों के नीचे जमीन नहीं, सिर्फ हवा है. और इसी ऊंचाई पर आपको बुर्ज खलीफा के शीशे साफ करने हैं. सुनने में ही डर लगता है.

लेकिन दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा की चमक बनाए रखने के लिए कुछ कर्मचारी इसी तरह बेहद ऊंचाई पर काम करते हैं. रस्सियों, सुरक्षा उपकरणों और खास मशीनों के सहारे वे इमारत की बाहरी सतह तक पहुंचते हैं.अब सवाल है- आखिर ये लोग कौन हैं? इतनी ऊंचाई पर पहुंचते कैसे हैं और अगर हवा अचानक तेज हो जाए तो क्या होता है?

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बुर्ज खलीफा से जुड़ा एक ऐसा तथ्य भी है, जो अक्सर चर्चा से बाहर रह जाता है. इस विशाल इमारत में 24,348 खिड़कियां हैं. इन सभी खिड़कियों में लगे ग्लास का कुल क्षेत्रफल करीब 1.2 लाख वर्ग मीटर है. यानी लगभग 17 फुटबॉल मैदानों के बराबर.

बुर्ज खलीफा की बाहरी सफाई के लिए अलग-अलग हिस्सों में विशेष सफाई प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है. जहां सामान्य मशीनों से पहुंचना संभव नहीं होता, वहां प्रशिक्षित कर्मचारी रस्सी के सहारे नीचे उतरकर सफाई करते हैं.

द नेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची इमारतों की सफाई करने वाले कर्मचारियों को रस्सी के सहारे काम करने की विशेष तकनीक की जानकारी दी जाती है. उनके लिए सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होती है.

इमारत में तीन हॉरिजॉन्टल ट्रैक्स बनाए गए हैं. इन पर करीब 1,500 किलो वजन वाली बकेट मशीन्स चलती हैं. इन मशीनों से जुड़ी गोंडोलास में सफाई कर्मचारी बैठकर इमारत के शीशों को साफ करते हैं.

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लेकिन जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, सिस्टम भी बदल जाता है. 109वीं मंजिल के ऊपर डेविट्स से लटकी क्रैडल्स का इस्तेमाल किया जाता है.

और सबसे ऊंचे 27 टियर्स और स्पायर तक पहुंचने पर सामान्य क्लीनिंग मशीन्स काम नहीं करतीं. यहां स्पेशलिस्ट वर्कर्स रस्सियों के सहारे इमारत की चोटी से नीचे उतरकर सफाई करते हैं. यानी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत पर सफाई करना किसी प्रोफेशनल माउंटेनियरिंग मिशन से कम नहीं.

एक गलती और बड़ा खतरा

इतनी ऊंचाई पर काम करते समय तेज हवा सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन जाती है. सफाई शुरू करने से पहले मौसम और हवा की स्थिति पर नजर रखी जाती है. गल्फ न्यूज की रिपोर्टों में बताया गया है कि तेज हवा की स्थिति में सफाई का काम रोकना पड़ सकता है.क्योंकि हवा जितनी तेज होगी, हवा में लटके कर्मचारी और उनके उपकरणों को संभालना उतना ही मुश्किल होगा.

गर्मी सबसे बड़ी दुश्मन!

बुर्ज खलीफा की ऊंचाई पर सफाई करना सिर्फ गिरने के खतरे की वजह से मुश्किल नहीं है. यहां गर्मी भी कर्मचारियों की बड़ी चुनौती होती है. ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारी शरीर को ज्यादा गर्मी से बचाने के लिए खास तरह के सूट पहनते हैं. दिनभर हाइड्रेटेड रहने के लिए उनके पास इलेक्ट्रोलाइट स्पोर्ट्स ड्रिंक वाले हाइड्रेशन पैक होते हैं और वे लगातार पानी पीते रहते हैं. काम के दौरान नियमित ब्रेक लेना भी जरूरी होता है, ताकि गर्मी के बीच काम करने की क्षमता बनी रहे.

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कर्मचारी 'मून सूट' जैसे दिखने वाले खास कपड़े भी पहनते हैं, जो उन्हें तेज धूप और गर्मी से बचाने में मदद करते हैं. काम की प्लानिंग भी सूरज की स्थिति को ध्यान में रखकर की जाती है. कोशिश रहती है कि सफाई के दौरान इमारत की प्राकृतिक छाया का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके.

यह भी पढ़ें: बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड टूटना तय! 109 मंजिल तक पहुंचा जेद्दा टावर

बुर्ज खलीफा की बाहरी सफाई कोई एक-दो लोगों का काम नहीं है. पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक पूरी इमारत की बाहरी सतह की सफाई के लिए करीब 36 कर्मचारियों की टीम काम करती रही है. इस काम को पूरा करने में 3 से 4 महीने लग सकते हैं.यानी एक बार सफाई शुरू होने के बाद भी यह काम जल्द खत्म नहीं होता.

ये कर्मचारी आते कहां से हैं?

ऊंची इमारतों की सफाई करने वाले कर्मचारियों में दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले लोगों की संख्या काफी रही है. द नेशनल की पुरानी रिपोर्ट में संयुक्त अरब अमीरात की ऊंची इमारतों की सफाई करने वाली कंपनियों में भारत, नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश से कर्मचारियों की भर्ती का जिक्र किया गया था.

इतनी ऊंचाई पर काम करने के लिए कैसी ट्रेनिंग मिलती है?

यह सामान्य सफाई का काम नहीं है. कर्मचारियों को ऊंचाई पर काम करने, रस्सी के सहारे उतरने, सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करने और आपात स्थिति से निपटने की विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है. यानी कर्मचारी के हाथ में सिर्फ सफाई का सामान नहीं होता. उसके पास अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी होती है.

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सबसे बड़ा डर क्या होता है?

ऊंचाई अपने आप में सबसे बड़ा खतरा है. इसके अलावा तेज हवा, गर्म मौसम और उपकरणों से जुड़ी किसी भी समस्या को गंभीरता से लेना पड़ता है. इसीलिए मौसम की स्थिति खराब होने पर काम को रोकना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. 828 मीटर ऊपर काम करने वालों के लिए यहां जल्दबाजी की कोई जगह नहीं है.

2026 में भी जारी है बुर्ज खलीफा की सफाई

क्लूह ग्रुप ने जनवरी 2026 में बताया कि उसकी सहायक कंपनी बर्कले सर्विसेज को बुर्ज खलीफा का रखरखाव और सफाई का ठेका फिर बढ़ाया गया है.कंपनी के मुताबिक बर्कले सर्विसेज 2010 से बुर्ज खलीफा की सफाई का काम संभाल रही है.

इसका मतलब साफ है- दुनिया की इस मशहूर इमारत की चमक के पीछे यह बेहद ऊंचाई वाला काम आज भी लगातार जारी है.

 

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