अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक अमेजन कर्मचारी ने अपनी करोड़ों की सैलरी और भारी-भरकम खर्चों का खुलासा किया है. सुनने में यह रकम किसी सपने जैसी लग सकती है, लेकिन कर्मचारी का कहना है कि इतनी कमाई के बावजूद वह खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करता.
सिएटल में रहने वाले ईशान जैन अमेजन में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर हैं. उन्होंने बिजनेस इनसाइडर को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनका कुल सालाना पैकेज करीब 2.85 लाख डॉलर यानी लगभग 2.8 करोड़ रुपये है. टैक्स और 401(k) योगदान के बाद उनके हाथ में हर महीने करीब 12 हजार डॉलर यानी लगभग 11 लाख रुपये बचते हैं, लेकिन ईशान का कहना है कि बढ़ते खर्चों के बीच यह रकम उतनी बड़ी नहीं लगती, जितनी बाहर से दिखाई देती है.
घर की EMI ही ले जाती है आधी सैलरी
ईशान अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सिएटल में चार बेडरूम वाले घर में रहते हैं. उनका दूसरा बच्चा भी आने वाला है. उन्होंने बताया कि घर की मॉर्गेज यानी EMI हर महीने करीब 5 हजार डॉलर (लगभग 4.7 लाख रुपये) है, जिसमें टैक्स और इंश्योरेंस भी शामिल है.
उनके मुताबिक, एक ही शख्स की कमाई पर पूरे परिवार का खर्च चलाना आसान नहीं है, खासकर तब जब हेल्थकेयर, बच्चों की देखभाल और रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हों.
टेस्ला और रेंज रोवर पर भी लाखों का खर्च
ईशान ने बताया कि उनके पास टेस्ला और रेंज रोवर जैसी गाड़ियां हैं. टेस्ला की EMI हर महीने करीब 630 डॉलर है, जबकि रेंज रोवर पूरी तरह चुकाई जा चुकी है. हालांकि, दोनों गाड़ियों का फ्यूल और इंश्योरेंस अलग से भारी खर्च बढ़ाता है.
घर के यूटिलिटी बिल करीब 800 डॉलर महीने आते हैं. वहीं, पूरे परिवार की हेल्थ इंश्योरेंस पर लगभग 750 डॉलर खर्च होते हैं.
ग्रॉसरी का खर्च भी कम नहीं है. परिवार Costco में हर महीने करीब 1500 डॉलर की खरीदारी करता है, जबकि दूसरी जगहों से सामान लेने में 400-500 डॉलर और खर्च हो जाते हैं.
भारत में भी खरीदी हैं कई प्रॉपर्टी
ईशान का सपना 50 साल की उम्र तक रिटायर होने का है. इसके लिए वह आक्रामक तरीके से निवेश कर रहे हैं. उन्होंने भारत में 3-4 प्रॉपर्टी खरीदी हुई हैं, ताकि भविष्य में किराए से आय होती रहे.
वह हर महीने करीब 2 हजार डॉलर 401(k) में और 2 हजार डॉलर कैश निवेश करते हैं. कुल मिलाकर वह सालाना करीब 50 हजार डॉलर की बचत करते हैं. उनके निवेश में स्टॉक्स के अलावा सोना और चांदी जैसी फिजिकल एसेट्स भी शामिल हैं.
इमरजेंसी फंड तक नहीं
दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों कमाने वाले ईशान के पास कोई इमरजेंसी फंड नहीं है. उनका कहना है कि वह ज्यादातर बचत दोबारा निवेश कर देते हैं और जरूरत पड़ने पर क्रेडिट कार्ड या दोस्तों-परिवार की मदद पर भरोसा करते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल यात्रा और दूसरे खर्चों की वजह से उन पर करीब 20 हजार डॉलर का निजी कर्ज भी है.
फिर भी क्यों नहीं मिलती ‘फाइनेंशियल सिक्योरिटी’?
ईशान का कहना है कि बाहर से देखने पर छह अंकों वाली सैलरी बहुत बड़ी लगती है, लेकिन अमेरिका जैसे शहरों में परिवार के साथ रहना बेहद महंगा है. घर, हेल्थकेयर, बच्चों की परवरिश और भविष्य की योजनाओं के बीच खर्च इतनी तेजी से बढ़ते हैं कि आर्थिक सुरक्षा का एहसास नहीं हो पाता.अब वह अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग एजुकेशन फंड शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें हर महीने कम से कम 500 डॉलर जमा करने का लक्ष्य है.
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