'मेरी मेहनत बर्बाद...,' कूड़े से फिर पटी अजनार नदी, ‘बिट्टू तबाही’ ने शेयर किया VIDEO

मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ करने में 8 महीने और कई टन कचरा निकालने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी यानी ‘बिट्टू तबाही’ को फिर उसी नदी में प्लास्टिक और कचरा देखकर झटका लगा. लेकिन मायूसी के बावजूद उन्होंने दोबारा नदी में उतरकर सफाई शुरू कर दी.

Advertisement
अजनार नदी में कचरा देखकर बिट्टू तबाही मायूस हो गए  (Photos: bittutabahi/Instagram) अजनार नदी में कचरा देखकर बिट्टू तबाही मायूस हो गए (Photos: bittutabahi/Instagram)

aajtak.in

  • ,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

8 महीने की मेहनत, नदी से निकाला टनों कचरा और फिर कुछ ही हफ्तों में वापस वही हाल... मध्य प्रदेश की अजनार नदी की तस्वीर देखकर 20 साल के सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ निराश हो गए. जिस नदी को साफ करने में उन्होंने महीनों अकेले मेहनत की थी, उसके किनारे दोबारा प्लास्टिक की थैलियां और कचरा जमा हो गया.

Advertisement

बिट्टू ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें राजगढ़ जिले में अजनार नदी के किनारे जगह-जगह कचरा दिखाई दे रहा है. वीडियो के साथ उन्होंने अपनी निराशा भी जाहिर की. उनका कहना था कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि आठ महीने की मेहनत इस तरह दोबारा कचरे के बीच दिखाई देगी.लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई.

कचरा देखकर मायूस होने के बावजूद बिट्टू एक बार फिर नदी में उतर गए.वीडियो में वह पानी के अंदर जाकर एक-एक करके कचरे की थैलियां बाहर निकालते दिखाई देते हैं. उनका मकसद फिर से नदी के उस हिस्से को साफ करना है.

यह भी पढ़ें: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... गुरुग्राम में 2,435 किलो कचरा, फिर दिखा ये नजारा

फिर नदी में उतरे बिट्टू

बिट्टू ने अपने फॉलोअर्स से भी मदद मांगी है. उन्होंने पूछा कि नदी में जमा बड़ी मात्रा में कचरे को ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से कैसे निकाला जा सकता है. उनका यह सवाल उस बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है, जिसमें सफाई के बाद भी लोग दोबारा नदी में कचरा डाल देते हैं.

Advertisement

देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर उनका वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने उनके कोशिश की तारीफ की. लोगों ने उन्हें सफाई का काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया. वहीं कई यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी नदी को साफ रखना सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं हो सकती.वहीं कुछ लोगों का कहना है कि नदी की सफाई करना मुश्किल है, लेकिन उसे साफ रखने के लिए लोगों की आदत बदलना उससे भी बड़ी चुनौती है.

यह भी पढ़ें: कोई नहर साफ कर रहा तो कोई नदी... बिट्टू तबाही के बाद आया सफाई का नया ट्रेंड!

अकेले शुरू की सफाई, अब बड़ी टीम के साथ भी काम
बिट्टू का सफाई अभियान सिर्फ अजनार नदी तक सीमित नहीं है. वह पर्यावरण और सार्वजनिक जगहों की सफाई से जुड़े अभियानों में लगातार काम करते रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 100 लोगों की टीम के साथ उन्होंने बेंगलुरु के कनकपुरा रोड से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित तुरहळ्ळी फॉरेस्ट की भी सफाई की है.

उनके काम की चर्चा सोशल मीडिया से निकलकर देश की जानी-मानी हस्तियों तक पहुंच चुकी है. दुनियाभर में उनके सफाई के इस जज्बे को सराहा है.डच पर्यावरण संगठन द ओशन क्लीनअप के संस्थापक और सीईओ बॉयन स्लैट ने भी उनके काम पर ध्यान दिया और उन्हें जॉब का ऑफर दिया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »