मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई का बिट्टू तबाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो जलस्रोतों और सार्वजनिक जगहों की सफाई से जुड़े कई दूसरे वीडियो भी चर्चा में आने लगे. अपने इलाके के तालाब और नहरें साफ करते हुए पहले और बाद के तर्ज पर वीडियो सामने आने लगे. इन वीडियो में कहीं लोग नदी और नहर से कचरा निकालते दिखे, तो कहीं स्थानीय लोग रास्ते और आसपास की गंदगी साफ करते नजर आए. इस मुहिम में लोग अपने आसपास की गंदगी को साफ करने के लिए खुद आगे आ रहे हैं.
जयपुर में पंकज पंचाल ने जल महल की सफाई शुरू की
ऐसा ही एक उदाहरण जयपुर से सामने आया है. डिजिटल मीडिया रिसर्चर और सोशल कॉन्ट्रिब्यूटर पंकज आर. पंचाल, जिन्हें सोशल मीडिया पर Digitalmediawala Panchal के नाम से जाना जाता है, जयपुर के जल महल यानी मानसागर झील की सफाई को लेकर चर्चा में हैं.
जल महल के आसपास गंदगी, मरी हुई मछलियां और बदबू जैसी समस्याएं देखकर उन्होंने खुद सफाई अभियान शुरू किया. वह एक छोटी टीम के साथ झील के किनारे और पानी से कचरा निकालने का काम कर रहे हैं.
उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों में जल महल की सफाई से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं. इसके अलावा अरावली पहाड़ियों से कचरा हटाने के उनके काम का भी जिक्र मिलता है. उनके सफाई अभियान से जुड़े वीडियो को दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और चैनलों ने भी शेयर किया है..
मध्य प्रदेश में बच्चों का रास्ता साफ करने उतरे लोग
मध्य प्रदेश से एक और वीडियो सामने आया, जिसमें दो बच्चे घनी झाड़ियों से ढके एक फुटपाथ से निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए. रास्ते में इतनी ज्यादा वनस्पति थी कि बच्चों को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी.
वीडियो में इसके बाद कुछ लोग फावड़े और दूसरे औजार लेकर वहां पहुंचते हैं और पूरे रास्ते की सफाई शुरू कर देते हैं. उन्होंने झाड़ियों और उगी हुई वनस्पति को हटाया, फिर मिट्टी और सूखे पत्तों को साफ किया.
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इंस्टाग्राम पर 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले मोहित सैनी ने इस सफाई का वीडियो शेयर किया. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा- आज हमने फूटपाठ साफ कर दिया.
दिल्ली की मुनक नहर में 1600 से ज्यादा बच्चे और युवा
दिल्ली की मुनक नहर की सफाई का अभियान इससे कहीं बड़ा है. यहां विनय दास ने नहर में पूजा के दौरान विसर्जित की गई मूर्तियों और दूसरे कचरे को देखकर सफाई अभियान शुरू किया.
शुरुआत करीब 150 बच्चों से हुई थी, लेकिन बाद में इस अभियान से 1,600 से ज्यादा बच्चे और युवा जुड़ गए. इनमें करीब 350 एक्टिव वॉलंटियर्स बताए गए हैं.
अभियान से जुड़े लोगों ने मुनक नहर के करीब तीन किलोमीटर हिस्से की सफाई की है. टीम ने नहर और उसके किनारों से प्लास्टिक, पूजा सामग्री, मलबा और दूसरे कचरे को हटाया.
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विनय दास के मुताबिक, वह अब तक 2,500 से ज्यादा मूर्तियां पानी से निकाल चुके हैं. सफाई के दौरान टीम को एक करीब 30 से 35 किलो वजनी शिवलिंग भी मिला.
सफाई के दौरान स्वयंसेवकों को टूटे कांच, सुई और दूसरे खतरनाक कचरे का सामना करना पड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक, विनय के हाथों में कचरे से निकले एक रसायन के कारण छाले भी पड़ गए थे.
प्रयागराज में 21 साल का शिवम रोज गंगा से निकालता है कचरा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से 21 वर्षीय शिवम कुमार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. वह गंगा की सफाई को अपना मिशन बताते हैं और नदी के किनारे तथा पानी में जाकर कचरा निकालते हैं.
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में शिवम प्लास्टिक, टूटी बोतलें, गत्ते के डिब्बे, पुराने कपड़े और खाने का कचरा निकालते दिखाई देते हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह करीब एक साल से इस तरह सफाई कर रहे हैं.
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उनके सफाई अभियान की सबसे चुनौतीपूर्ण तस्वीरें भी वीडियो में दिखाई देती हैं. कुछ जगहों पर टूटे कांच के बीच उन्हें काम करते देखा गया, जबकि एक वीडियो में पानी के सांप भी उनके आसपास दिखाई देते हैं.
शिवम के लिए यह काम सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है. वह रोजगार की तलाश भी कर रहे हैं. एक वीडियो में वह दुकानों पर जाकर काम मांगते नजर आए. उनका कहना है कि सफाई जारी रखने के लिए उनके पास आय का कोई जरिया होना भी जरूरी है.
क्या बिट्टू तबाही के बाद शुरू हुई सफाई की लहर?
बिट्टू तबाही के अजनार नदी सफाई अभियान ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान जरूर खींचा है. उनके वीडियो में नदी से बड़ी मात्रा में कचरा निकालते हुए दिखाया गया और यह अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा में आया.
इसके बाद नदी, नहर, तालाब और सार्वजनिक जगहों की सफाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं.
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