मां का जन्मदिन हो और बच्चा उनके लिए कुछ खास करना चाहे, तो उसके लिए उस गिफ्ट की कीमत से ज्यादा उसकी भावना मायने रखती है. ऐसी ही एक प्यारी कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है. छह साल की बच्ची अन्या अपनी मां के जन्मदिन पर उन्हें गिफ्ट देना चाहती थी. उसके पास सिर्फ 100 रुपये थे, लेकिन अपनी मां के लिए कुछ खरीदने का उसका उत्साह किसी बड़ी रकम से कम नहीं था. यह घटना एक एग्जीबिशन की है, जहां अन्या अपनी मां गीतांजलि, पिता और परिवार के साथ गई थी. मां का जन्मदिन आने वाला था. वहां कई तरह के सामान और ज्वेलरी के स्टॉल लगे हुए थे. अन्या ने सोचा कि क्यों न अपनी मां के लिए कोई प्यारा सा गिफ्ट खरीदा जाए.
उसे पता था कि उसकी मां को ज्वेलरी पसंद है. इसलिए वह अलग-अलग स्टॉल पर गई और अपनी मां के लिए चीजें देखने लगी. वह कुछ जूलरी चुनती और अपनी मां को पहनाकर भी देखती. इसी दौरान वह काइट जेवेल्स के एक स्टॉल पर पहुंची. वहां मौजूद लोगों ने भी बच्ची की इस मासूम कोशिश को ध्यान से देखा और उसे अलग-अलग ज्वेलरी दिखाई. अन्या के पास ज्यादा पैसे नहीं थे. उसके पास सिर्फ 100 रुपये थे. इसके अलावा उसने अपनी मां के लिए एक ड्रॉइंग भी बनाई थी. बच्ची ने सोचा कि वह इन्हीं पैसों से अपनी मां के लिए कुछ खरीद सकती है. वह ज्वेलरी स्टॉल पर पहुंची और अपने 100 रुपये निकालकर दुकानदारों को दे दिए. उसने बताया कि वह अपनी मां के लिए कुछ खरीदना चाहती है और उसके पास इतने ही पैसे हैं.
मां को बाद में पता चला पूरा मामला
बच्ची की बात सुनकर ज्वेलरी स्टॉल की टीम ने उसकी भावना को समझा. उन्होंने उसके 100 रुपये और उसकी बनाई हुई ड्रॉइंग स्वीकार कर ली. इसके बदले उन्होंने अन्या को एक छोटी सी सिल्वर चेन दे दी. अन्या के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं था. उसे लगा कि उसने अपने पैसे से अपनी मां के लिए जन्मदिन का गिफ्ट खरीद लिया है. जब अन्या की मां गीतांजलि को इस बारे में पता चला तो उन्होंने ज्वेलर्स से संपर्क किया. उन्होंने पूछा कि इस चेन की कीमत कितनी है और उन्हें कितने पैसे देने होंगे.
लेकिन ज्वेलर्स के जवाब ने इस पूरी कहानी को और भी खास बना दिया. उन्होंने कहा कि गीतांजलि को कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक, अन्या ने उनके साथ खुद ही एक तरह की डील की थी और उसके लिए 100 रुपये और उसकी ड्रॉइंग ही काफी थी. ज्वेलरी टीम ने समझ लिया था कि उनके लिए यह सिर्फ सामान बेचने का मामला नहीं था. एक छह साल की बच्ची अपनी मां को खुश करने के लिए अपनी छोटी सी बचत लेकर आई थी. इसलिए उन्होंने उस पल की भावना को पैसे से ज्यादा महत्व दिया.
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
इस पूरी घटना को अन्या के मामा ध्रुव तलवार ने लिंक्डइन पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि यह कहानी उन्हें उनकी बहन गीतांजलि से मिली थी. पोस्ट सामने आने के बाद लोगों ने बच्ची और ज्वेलरी टीम दोनों की जमकर तारीफ की. लोगों ने कहा कि छह साल की बच्ची के लिए 100 रुपये भले ही छोटी रकम लग सकती है, लेकिन अपनी मां के लिए गिफ्ट खरीदने की उसकी कोशिश बेहद खास थी. वहीं ज्वेलरी टीम ने भी उस भावना को समझकर एक खूबसूरत याद बना दी.
कई लोगों ने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे काम ही किसी ब्रांड और ग्राहक के बीच लंबे समय तक याद रहने वाला रिश्ता बनाते हैं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बच्ची के चेहरे की खुशी और उसके मन में अपनी मां के लिए प्यार किसी भी रकम से ज्यादा कीमती है.इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात यही है कि अन्या ने अपनी मां को महंगा गिफ्ट देने की कोशिश नहीं की. उसने अपनी क्षमता के हिसाब से जो कर सकती थी, वह किया. उसके पास सिर्फ 100 रुपये थे, लेकिन उस छोटी सी रकम में मां के लिए ढेर सारा प्यार छिपा था. ज्वेलरी टीम ने उस भावना को समझा और उसके जन्मदिन के गिफ्ट को ऐसी याद में बदल दिया, जिसे बच्ची और उसका परिवार शायद लंबे समय तक नहीं भूलेंगे.
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