भारत अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर है. हर साल लाखों पर्यटक यहां पहाड़ों, समुद्र तटों, जंगलों और ऐतिहासिक स्थलों का दीदार करने आते हैं. हालांकि, देश में कुछ ऐसी जगहें भी मौजूद हैं, जहां आम पर्यटकों का जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है या फिर खास अनुमति के बिना प्रवेश नहीं मिलता.
इन स्थानों पर राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त नियम लागू किए गए हैं. यही वजह है कि यहां आम लोगों की एंट्री सीमित या पूरी तरह प्रतिबंधित है. आइए जानते हैं भारत की 7 ऐसी जगहों के बारे में, जहां बिना विशेष अनुमति के जाना संभव नहीं है.
बैरन आइलैंड (अंडमान-निकोबार)
बैरन आइलैंड भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी (एक्टिव वोल्केनो) है. यहां पर्यटक नाव के जरिए दूर से ज्वालामुखी को देख सकते हैं लेकिन द्वीप पर उतरने की अनुमति नहीं होती. सुरक्षा कारणों से यहां लैंडिंग पर रोक है.
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC)(मुंबई)
मुंबई के ट्रॉम्बे में स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर देश का प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र है. यह कोई पर्यटन स्थल नहीं है. यहां केवल अधिकृत कर्मचारियों और विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को ही एंट्री मिलती है. आम पर्यटक यहां नहीं जा सकते.
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड (अंडमान-निकोबार)
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड दुनिया के सबसे अलग-थलग रहने वाले आदिवासी समुदाय सेंटिनलीज़ का घर है. यहां बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध है. यह नियम आदिवासी समुदाय को बाहरी बीमारियों और हस्तक्षेप से बचाने के लिए बनाया गया है.
सियाचिन ग्लेशियर (लद्दाख)
सियाचिन दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्रों में से एक माना जाता है. यहां का बेस कैंप सीमित नियमों के साथ पर्यटकों के लिए खोला गया है लेकिन ग्लेशियर के सैन्य क्षेत्र में आम लोगों की एंट्री नहीं होती. सेंसिटिव इलाकों में जाने के लिए विशेष अनुमति और सुरक्षा नियम लागू होते हैं.
निकोबार ट्राइबल रिजर्व
निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्से आदिवासी समुदायों की सुरक्षा के लिए संरक्षित हैं. यहां जाने के लिए ट्राइबल पास या सरकारी अनुमति जरूरी होती है. विदेशी नागरिकों को इन क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं दी जाती.
इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (IGCAR) (तमिलनाडु)
तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्थित यह परमाणु अनुसंधान केंद्र भी आम लोगों के लिए खुला नहीं है. यहां प्रवेश केवल अधिकृत लोगों को ही दिया जाता है. सुरक्षा कारणों से आम पर्यटक यहां नहीं जा सकते.
नंदा देवी इनर सैंक्चुअरी (उत्तराखंड)
उत्तराखंड का नंदा देवी क्षेत्र अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और हिमालयी जैव विविधता के लिए मशहूर है. हालांकि, नंदा देवी नेशनल पार्क के कुछ हिस्सों में सीमित रूप से जाया जा सकता है लेकिन इनर सैंक्चुअरी में आम पर्यटकों की एंट्री नहीं होती. यहां जाने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत पड़ती है.
इन जगहों पर लगी पाबंदियों का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसलिए अगर आप इन स्थानों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो पहले वहां के नियम और जरूरी परमिट की जानकारी जरूर ले लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क