फ्लाइट में पावर बैंक से लगी आग, पावर बैंक यूज करने वाले हर शख्स को जाननी चाहिए ये बातें

पावर बैंक एक छोटा डिवाइस है, लेकिन इसकी बैटरी कभी-कभार काफी खतरा पैदा कर सकती है. लिथियम आयन बैटरी में आग लगने की कहानी नई नहीं है. हाल ही में इंडिगो की फ्लाइट में पावर बैंक से आग लग गई. आप भी पावर बैंक यूज करते हैं तो सावधान हो जाएं.

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पावर बैंक सेफ्टी टिप्स पावर बैंक सेफ्टी टिप्स

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

हाल ही में इंडिगो की एक फ्लाइट में पावर बैंक फट गया और उसमें आग लग गई. प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग हुई और सारे पैसेंजर्स सेफ हैं. आग लगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और देखने में भयावह है. समय पर इसे बुझाया नहीं गया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था. भले ही हादसा नहीं हुआ, लेकिन फ्लाइट में पावर बैंक लेकर चलने पर सवाल उठ रहे हैं. कुछ एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि फ्लाइट से पावर बैंक को बैन कर देने चाहिए.

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पावर बैंक छोटा जरूर होता है, लेकिन इसके अंदर काफी ऊर्जा जमा रहती है. आमतौर पर इसमें लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी का इस्तेमाल होता है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये बैटरियां सुरक्षित रहती हैं, लेकिन बैटरी खराब होने, ज्यादा गर्म होने या उसके अंदर शॉर्ट सर्किट होने पर आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है.

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बैटरी में आग लगने की एक वजह 'थर्मल रनअवे' नाम की प्रक्रिया हो सकती है. आसान भाषा में समझें तो बैटरी के अंदर गर्मी बढ़ने लगती है और इससे ऐसी रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू हो सकती है, जो तापमान को और बढ़ा देती है. इससे बैटरी फूल सकती है, धुआं निकल सकता है और आग लग सकती है. कभी-कभी बैटरी में मैन्युफैक्चरिंग की खराबी भी इसकी वजह बन सकती है. इसलिए सिर्फ इस बात पर भरोसा करना सही नहीं है कि पावर बैंक नया है या महंगा है.

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पावर बैंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

पावर बैंक खरीदते समय बहुत कम कीमत के लालच में अनजान ब्रांड का प्रोडक्ट लेने से बचें. ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिन पर कंपनी का नाम, बैटरी की क्षमता, इनपुट-आउटपुट की जानकारी और जरूरी सुरक्षा संबंधी विवरण साफ लिखे हों. भरोसेमंद रिटेलर्स से खरीदें और प्रोडक्ट के साथ मिलने वाले निर्देश पढ़ें. कई बार असली ब्रांड के नकली पावरबैंक भी मार्केट में मिलते हैं.

भारत में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट खरीदते समय लागू सुरक्षा मानकों और जरूरी सर्टिफिकेशन की जानकारी भी जांचें. हालांकि, केवल किसी निशान या सर्टिफिकेशन को देखकर यह नहीं मान लेना चाहिए कि डिवाइस कभी खराब नहीं हो सकता. अच्छी गुणवत्ता वाली बैटरी भी गिरने, दबने, गर्म होने या खराब होने पर जोखिम पैदा कर सकती है.

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पावर बैंक की कैपेसिटी भी अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें. ज्यादा क्षमता का मतलब अपने आप ज्यादा खतरा नहीं है, लेकिन बड़ी बैटरी में ज्यादा ऊर्जा जमा हो सकती है. इसलिए उसकी गुणवत्ता, सेफ्टी और सही इस्तेमाल पर ध्यान देना जरूरी है.

चार्जिंग के दौरान न करें ये गलतियां

पावर बैंक को चार्ज करने के लिए कंपनी की ओर से सुझाई गई केबल और चार्जर का इस्तेमाल करें. गलत या खराब चार्जर, डैमेज्ड केबल और खराब कनेक्टर से बिजली संबंधी समस्या हो सकती है. अगर चार्जिंग के दौरान पावर बैंक असामान्य रूप से गर्म होने लगे, तो उसे इस्तेमाल करना बंद कर दें.

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चार्ज करते समय पावर बैंक को बिस्तर, तकिए, कंबल या ऐसी जगह पर न रखें जहां गर्मी बाहर न निकल सके. उसे सीधी धूप में या गर्म कार के अंदर छोड़ना भी ठीक नहीं है. गर्म टेंप्रेचर में बैटरी का तापमान बढ़ सकता है और उसका मुश्किल भी बढ़ सकता है.

चार्जिंग के दौरान पावर बैंक को ऐसी जगह रखें जहां उस पर नजर रखी जा सके. खासकर अगर डिवाइस पहले से गर्म हो रहा हो या उसकी हालत संदिग्ध हो, तो उसे रातभर बिना निगरानी के चार्ज करना ठीक नहीं है. मॉडर्न पावर बैंक में चार्जिंग कंट्रोल और दूसरी सुरक्षा सुविधाएं हो सकती हैं, लेकिन इनसे हर तरह की खराबी का खतरा खत्म नहीं हो जाता.

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एक और जरूरी बात यह है कि पावर बैंक को चार्ज करते समय उसके ऊपर कोई सामान न रखें. अगर डिवाइस से अजीब गंध आए, चटकने की आवाज सुनाई दे या धुआं निकलने लगे, तो उसे सामान्य स्थिति मानकर इस्तेमाल जारी न रखें.

पावर बैंक फूल गया है या गिरकर टूट गया है तो क्या करें?

अगर पावर बैंक का आकार बदल गया है, उसकी बॉडी फूल गई है, उसमें दरार आ गई है या वह गिरने के बाद ठीक से काम नहीं कर रहा, तो उसे चार्ज करना बंद कर दें. ऐसे डिवाइस को जेब, बैग या बिस्तर में रखकर इस्तेमाल जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है.

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बैटरी फूलने का मतलब हो सकता है कि उसके अंदर गैस जमा हो रही है. ऐसी स्थिति में पावर बैंक को दबाने, छेद करने, खोलने या खुद ठीक करने की कोशिश बिल्कुल न करें. उसे सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय निर्माता, अधिकृत सर्विस सेंटर या बैटरी ई-वेस्ट संग्रह केंद्र से सुरक्षित निपटान का तरीका पूछें.

अगर पावर बैंक पानी में गिर गया है, तो उसे दोबारा चार्ज करने से पहले सिर्फ सुखाकर इस्तेमाल करना भी सही तरीका नहीं है. अंदर नमी या खराबी रह सकती है. ऐसी स्थिति में निर्माता या ऑफिशियल सर्विस सेंटर की सलाह लें.

जेब या बैग में पावर बैंक रखते समय भी सावधानी जरूरी

कई लोग पावर बैंक को बैग में चाबियों, सिक्कों, मेटल की चीजों या दूसरे गैजेट के साथ रख देते हैं. अगर बैटरी के कनेक्टर या खुले टर्मिनल मेटल की किसी चीज से कॉन्टैक्ट में आ जाएं, तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है. इससे गर्मी पैदा होने और आग लगने का खतरा रहता है.

इसलिए पावर बैंक को अलग पाउच या उसके लिए बने कवर में रखें. उसे ऐसी जगह न रखें जहां भारी सामान के नीचे दब जाए या उसे झटका लगने की आशंका हो. अगर उसके साथ अलग बैटरी या कोई ऐसा हिस्सा है जिसके टर्मिनल खुले हैं, तो उन्हें कंपनी के निर्देशों के मुताबिक सुरक्षित रखें.

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पावर बैंक को गर्म जगह पर छोड़ने से बचें. खासकर गर्मियों में बंद कार, डैशबोर्ड या सीधे सूरज की रोशनी में रखी बैटरी का तापमान काफी बढ़ सकता है. इसे ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखना बेहतर है.

फ्लाइट में पावर बैंक कहां रखें?

हवाई यात्रा में पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में नहीं रखना चाहिए. इसे केबिन में अपने साथ ले जाने वाले हैंड बैगेज में रखना जरूरी है. इसकी वजह यह है कि अगर बैटरी से धुआं निकलने लगे या आग लग जाए, तो केबिन में मौजूद क्रू तुरंत कार्रवाई कर सकता है. सामान रखने वाले बंद हिस्से में ऐसी घटना का पता लगाना और उस तक पहुंचना ज्यादा मुश्किल हो सकता है.

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यानी IATA के मुताबिक, पावर बैंक को हैंड बैगेज में रखना चाहिए और उसकी कैपेसिटी के नियमों का पालन करना चाहिए. आमतौर पर 100 वॉट-आवर तक की बैटरी की अनुमति होती है, जबकि 100 से 160 वॉट-आवर के बीच वाली बैटरी के लिए एयरलाइन की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है. 

फ्लाइट में पावर बैंक को ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर उस तक आसानी से पहुंचा जा सके. इंडिगो की फ्लाइट में हुई हालिया घटना के बाद यह बात और महत्वपूर्ण हो गई है. अपनी एयरलाइन के निर्देशों के मुताबिक उसे ओवरहेड लगेज कम्पार्टमेंट में रखने से बचें. 

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