मार्क जुकरबर्ग ने कुबूली गलती, डीपफेक और कंटेंट गड़बड़ियों पर मांगी माफी

MeitY के अधिकारियों के साथ दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफेक के प्रसार के लिए माफी मांगी है. सरकार ने साफ किया है कि कंपनी को आईटी एक्ट के तहत सेफ हार्बर सुरक्षा नहीं मिलेगी.

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डीपफेक और कंटेंट गड़बड़ियों पर मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी. (File photo: ITG) डीपफेक और कंटेंट गड़बड़ियों पर मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), डीपफेक और एल्गोरिदम संचालन में हुई गंभीर चूक के लिए आधिकारिक रूप से माफी मांगी ली और अपनी गलतियों पर खेद व्यक्त किया है. कंपनी ने स्वीकार किया कि कुछ खास प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देने (बूस्ट करने) के लिए भारी पैसों का भुगतान किया गया था.

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सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी वीडियो को हटाए जाने का कोई उल्लेख नहीं हुआ. सरकार ने स्पष्ट किया कि एल्गोरिदम के जरिए कंटेंट चुनने के कारण मेटा को आईटी अधिनियम के तहत सेफ हार्बर की कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया ये माफी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों और मेटा के ग्लोबल लीडरशिप के बीच प्लेटफॉर्म की जवाबदेही, कंटेंट मॉडरेशन और भारतीय कानूनों के पालन पर हुई दो दिन की बैठक के दौरान मांगी गई है.

सूत्रों के अनुसार, मेटा ने कंटेंट मॉडरेशन में गलतियों को स्वीकार किया और अपने प्लेटफॉर्म पर हानिकारक कंटेंट को संभालने के तरीके पर खेद व्यक्त किया है.

यह भी पढ़ें: एल्गोरिद्म का बहाना नहीं चेलगा, पीएम मोदी के वीडियो मामले पर मेटा को सबकुछ बताना होगा

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सरकारी अधिकारियों ने यह भी बताया कि मेटा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत इंटरमीडियरी (मध्यस्थ) को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि इसके एल्गोरिदम सक्रिय रूप से यह तय करते हैं कि कौन सा कंटेंट आगे बढ़ाया जाएगा और यूजर्स को दिखाया जाएगा.

'नहीं मिलेगी सेफ हार्बर सुरक्षा'

सरकारी अधिकारियों ने मेटा को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह आईटी अधिनियम के तहत इंटरमीडियरी की परिभाषा के दायरे में नहीं आती है. चूंकि मेटा के एल्गोरिदम तय करते हैं कि कौन सा कंटेंट किसे दिखेगा. इसलिए IT अधिनियम के तहत 'सेफ हार्बर' सुरक्षा लागू नहीं होती है, उसे कानूनी सेफ हार्बर सुरक्षा का लाभ नहीं दिया जाएगा.

बातचीत में प्लेटफॉर्म के बिजनेस तौर-तरीकों पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, मेटा ने माना कि कंटेंट की कुछ कैटेगरी को बढ़ावा देने पर काफी पैसा खर्च किया गया था और और इस फैसले पर खेद व्यक्त किया. कंपनी ने पूछताछ और समीक्षा के दौरान स्वीकार किया कि एक विशेष प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारा पैसा दिया गया था. इस गलती को स्वीकार करते हुए कंपनी और जुकरबर्ग ने अपनी इस चूक पर खेद जताया है.

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